Srijan Ghotala: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले बढ़ सकती है CM नीतीश कुमार की मुश्किलें, चर्चाओं का बाज़ार गर्म
Srijan Ghotala: Lok Sabha Election 2024 को लेकर बिहार में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। पक्ष विपक्ष के बीच सियायी बयानबाज़ी शुरू हो चुकी है। वहीं घोटाले को लेकर भी आरोप प्रत्यारोप जारी है। इसी कड़ी में सृजन घोटाले को लेकर प्रदेश के मुखिया नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ने पर भी चर्चा तेज़ हो चुकी है।
वन इंडिया हिंदी से पूर्व आईपीएस अमिताभ दास ने खुलकर सृजन घोटाले पर अपनी बात रखी। अमिताभ दास ने कहा कि बिहार का सबसे बड़ा सृजन घोटाला है। सृजन में करीब 25 सौ करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। सृजन एक गैर सरकारी संस्था (समाजसेवी संस्था) था।

NGO का पूरा नाम सृजन महिला विकास समिति था, जिसकी स्थापना भागलपुर में मोनरमा देवी नाम की महिला ने की थी। उस वक्त यह बहुत छोटा से समाजसेवी संस्था था, इसका मकसद महिलाओं को सशक्त बनान था। अच्छी पहल के साथ इसकी शुरुआत हुई थी।
2003 आते-आते सृजन के ज़रिए घोटाले को अंजाम दिया जाने लगा। उस वक्त भागलपुर के डीएम केपी रमैया थे। उन्होंने एक आदेश निकाला था जो कि बहुत ही ग़लत था। उस आदेश के तहत सरकारी राशि को सृजन के बैंक खाते में जमा करने की बात थी। यह पूरी तरह गैरकानूनी बात है।
भागलपुर के डीएम केपी रमैया के ग़लत आदेश की वजह से ही CBI ने उनपर शिकंजा कसा था, जो कि अब ज़मानत पर बाहर हैं। साल 2017 में यह घोटाला उजागर हुआ, जिसमें पता चला कि अभी तक 2500 करोड़ का घोटाला हो चुका है। इसलिए इसे बिहार का सबसे बड़ा घोटाला कहा जाता है।
चारा घोटाला 900 करोड़ का था, यह 2500 करोड़ का घोटाला है। 2017 मे ही CBI को इसकी जांच का काम दे दिया गया। चूकि इसमे बड़े-बड़े नता शामिल हैं, राजनीतिक दवाब में CBI भी धीमी गति से मामले की जांच कर रही थी, 6 साल में यहां तक मामला पहुंचा है। हाल ही में इस मामले में रजनी प्रिया की गिरफ्तारी हुई है।
पूर्व आईपीएस अमिताभ दास ने कहा कि NGO की संस्थापिका मनोरमा देवी, जो कि अब इस दुनिया में नहीं रहीं। रजनी प्रिया उनकी पुत्र वधु हैं, जो कि गिरफ्त में हैं। रजनी प्रिया ने गिरफ्तारी के बाद कहा कि उसके पति अमित कुमार की मौत हो चुकी है। CBI को रजनी प्रिया के पति की मौत मामले की भी जांच करनी चाहिए।
अमिताभ दास ने कहा कि मेरे सूत्रों ने बताया कि CBI ने रजनी प्रिया से काफी लंबी पूछताछ की है। यहां तक के उन्हें सरकारी गवाह बनने का भी ऑफर दिया गया है। अगर वह सरकारी गवाह बनती है तो जांच एजेंसी उसपर नर्मी बरतेगी, कोर्ट भी उसे कम सज़ा देगी। रजनी प्रिया शायद तैयार हो गई है।
रजनी प्रिया अगर सरकारी गवाह बनने के लिए तैयार हुई तो, CBI के अगले निशाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होंगे। देश में जिस तरह की फिज़ा है, नीतीश कुमार विपक्षी एकता को मज़बूत करने में जुटे हैं। इसलिए वह भाजपा के निशाने पर भी हैं।
CBI तो भाजपा के कहने पर ही काम करती है। भविष्य में यह भी हो सकता है कि CBI नीतीश कुमार को गिरफ्तार भी कर ले। लालू प्रसाद यादव का जो हाल चारा घोटाला में हुआ, सृजन घोटाला में वही हाल नीतीश कुमार का भी हो सकता है। इसकी प्रबल संभावना है, अमिताभ दास ने शंका जताते हुए कहा कि इसमे नीतीश कुमार का भी हाथ हो सकता है।












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