Bihar Politics: आंदोलन से आप किसी को सत्ता से हटा सकते हैं, नई व्यवस्था नहीं बना सकते- प्रशांत किशोर
Prashant Kishor News: बिहार में चुनाव के मद्देनज़र सियासी बाज़ार सज चुका है। मतदाताओं को लुभाने के लिए विभिन्न रणनीतियों पर राजनीतिक पार्टियों ने काम करना शुरू कर दिया है। वहीं मशहूर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी पद यात्रा कर मतदाताओं को जागरुक करने की मुहिम चला रहे हैं।
बिहार के विभिन्न ज़िलों में पद यात्रा कर प्रशांत किशोर लोगों से मुखातिब हो रहे हैं। इसी क्रम में प्रशांत किशोर ने भोजपुरी भाषा में कहा कि बहुत आदमी यह कहाता कि भैया जन आंदोलन खड़ा करी, ई त चलतानी ठीक बा, लेकिन पूरा जन सैलाब आवे के चाही।

प्रशांत किशोर ने कहा कि मेरा आंदोलन में कोई यकीन नहीं है। मानव सभ्यता का इतिहास जिन लोगों ने भी पढ़ा है, या उसे समझने की कोशिश की है। इस बात को समझिए कि फ्रांस की क्रांति को अपवाद के तौर पर हटा दीजिए, तो दुनिया में किसी भी आंदोलन या क्रांति से मानव सभ्यता का भला नहीं हुआ है।
जेपी आंदोलन का उदाहरण दिया जा रहा था. उसे ठीक बताया गया। हम आपको बता दें कि आंदोलन से आप किसी को सत्ता से हटा सकते हैं, लेकिन नई व्यवस्था नहीं बना सकते हैं। पूरी दुनिया ये यह प्रमाण है। आंदोलन और क्रांति ये तेज़ हथियार के जैसा है, इससे आप बड़े से बड़े पेड़ को काट सकते हैं।
सत्ता से हटा सकते हैं, सल्तनत को हिला सकते हैं, लेकिन उससे नई व्यवस्था नहीं बना सकते हैं। सृजन का एक अपना समय है, अगर आप आज बीजारोपण करेंगे तो 3 से 4 महीने के बाद फसल होगा। काटने के लिए चाहे आप एक दिन में ही काट लीजिए।
जो हम लोग कोशिश कर रहे हैं, ये आंदोलन नहीं है, ना ही ये क्रांति हैं। ये समाज में जमी हुई काई को छुड़ाने के लिए, गांव-गांव जाकर लोगों को जगाने और समझाने की कोशिश है। अगर आपको हमको अपने बच्चों के लिए बेहतर बिहार बनाना है।
चाहते हुए ना चाहते हुए, हम आपको ही कोशिश करनी होगी। बिहार बदलने के लिए दूसरे प्रदेश के लोग नहीं आएंगे। कोशिश आज कर लीजिए या 50 साल बाद कोई और कोशिश करे। लेकिन बिहार बदलने की कोशिश बिहार के लोगों को ही करनी होगी।












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