Bihar Politics: ‘बिहार में अगली सरकार PM Modi…’, तो क्या Nitish नहीं बनेंगे CM, Chirag के बयान पर चर्चा तेज़
Bihar Politics: बिहार में आगामी चुनावों के मद्देनज़र राजनीतिक पार्टियों के कमर कसने के साथ ही सियासी पारा चढ़ चुका है। एनडीए के बैनर तले भाजपा अपनी रणनीति बनाने में जुटी है, जबकि राजद और उसकी पुरानी सहयोगी कांग्रेस वाला महागठबंधन भी अपने चुनावी ज़मीन मज़बूत करने में पीछे नहीं है।
सियासी दांवपेंच के बीच बिहार में NDA जीत दर्ज करती है तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इस मुद्दे पर सस्पेंस बरकरारा है। वहीं संभावनाओं की सियासत को हवा ज़रूर मिल रही है। नीतीश कुमार को विपक्ष और एनडीए के कुछ सहयोगियों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

तेजस्वी यादव ने उन्हें "थका हुआ-सेवानिवृत्त" करार देते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी तेजस्वी के तरह ही नीतीश पर हमलावर है। वहीं लोजपा (र) नेता चिराग पासवान का दावा है कि बिहार में अगली सरकार पीएम मोदी की विचारधारा पर आधारित होगी।
इस बयान के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं, कि पिछली सरकारों में इस तरह की सोच नहीं थी। पिछले विधानसभा चुनाव में नीतीश के खिलाफ चिराग का इतिहास साफ तौर पर दिखता है, जब जेडीयू ने उनके कामों की वजह से दो दर्जन से ज्यादा सीटें गंवा दी थीं।
पिछले साल से ही नीतीश कुमार के स्वास्थ्य पर सवाल उठ रहे हैं। श्रद्धांजलि सभा के दौरान अशोक चौधरी पर श्रद्धांजलि के फूल फेंकने और ताली बजाने जैसी घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और अशोक चौधरी के सिर पर भी वार किया और कई बार पीएम मोदी और रविशंकर प्रसाद के पैर छूने की कोशिश की।
जब तक एनडीए को बहुमत नहीं मिल जाता, नीतीश कुमार के फिर से सीएम बनने की संभावना कम ही दिखती है। बीजेपी ने पहले भी इस बात के संकेत दिए हैं और चिराग पासवान की मोदी की विचारधारा पर आधारित सरकार के बारे में टिप्पणी नीतीश के लिए परेशानी का संकेत हो सकती है। तेजस्वी यादव उन्हें कमज़ोर करने पर अड़े हुए हैं, जिसमें प्रशांत किशोर भी शामिल हैं।
अमित शाह चुनाव से पहले बिहार में डेरा डालने की योजना बना रहे हैं, जिसके कारण अक्सर भाजपा उन जगहों पर सरकार बनाती है, जहां वे डेरा डालते हैं, जैसा कि उत्तर प्रदेश में देखा गया। यह कदम नीतीश कुमार के मामले को और भी जटिल बना सकता है। शाह ने बिहार के सीएम की बात पर गोल मटोल जवाब देते हुए टाल दिया था।
भाजपा की तरफ़ से यह अभी तक साफ नहीं किया गया है कि एनडीए जीत दर्ज करती है तो बिहार में सीएम कौन बनेगा। प्रदेश में राजनीतिक परिदृश्य गतिशील बना हुआ है, जिसमें विभिन्न गुट सत्ता के लिए होड़ कर रहे हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, गठबंधन और रणनीतियां विकसित हो रही है, लेकिन नेताओं के बयान से संकेत है कि नीतीश कुमार सीएम नहीं बनेंगे। बहरहाल सस्पेंस बकरार है।












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