Samrat Choudhary Education: कितने पढ़े-लिखे हैं बिहार के नए सीएम सम्राट चौधरी? किस डिग्री पर मचा था बवाल?
Samrat Choudhary Education and Degree: बिहार की सियासत में इस वक्त जबरदस्त उबाल देखा जा रहा है। पटना की सड़कों से लेकर दिल्ली के गलियारों तक केवल एक ही चर्चा थी-बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन? अब इस सस्पेंस से पर्दा उठ चुका है। JDU और BJP के बीच जारी मैराथन बैठकों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि बिहार की सत्ता अब सम्राट चौधरी संभालेंगे।
JDU के शीर्ष नेताओं की सम्राट चौधरी के आवास पर बढ़ती सक्रियता और गठबंधन की अंदरूनी हलचलें साफ संकेत दे रही थी कि नीतीश कुमार कैबिनेट की आखिरी बैठक के बाद इस्तीफा दे देंगे और हुआ भी ऐसा ही। 14 अप्रैल को नीतीश कुमार ने कैबिनेट के साथ आखिरी बैठक की और फिर इस्तीफा दे दिया। सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। आज, बुधवार 15 अप्रैल को सम्राट मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है।

Samrat Choudhary: क्यों खास हैं सम्राट चौधरी?
सम्राट चौधरी आज बिहार बीजेपी के सबसे आक्रामक और प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते हैं। उनकी संगठन पर मजबूत पकड़ और ओबीसी (OBC) समुदाय में उनकी पैठ ने उन्हें पार्टी का निर्विवाद नेता बना दिया है। बीजेपी की चुनावी रणनीति में उनका कद लगातार बढ़ा है, यही कारण है कि उन्हें सीएम जैसे बड़े रोल के लिए सबसे उपयुक्त माना जा रहा है।
Samrat Choudhary Education and Degree: कितने पढ़े लिखे हैं बिहार के सीएम फेस
सम्राट चौधरी ने अपनी प्रारंभिक और स्नातक स्तर की शिक्षा बिहार से ही प्राप्त की है। चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके पास PFC कामराज विश्वविद्यालय से Doctor of Litt (मानद) की उपाधि है, जो उन्हें सामाजिक कार्यों में उनके योगदान के लिए दी गई। हालांकि, उनके PFC की डिग्री को लेकर बिहार में काफी विवाद ही चुका है। सम्राट की पत्नी पेशे से वकील हैं, जिससे उनकी प्रशासनिक और कानूनी समझ और भी गहरी होती है।
बात करें वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तो उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री ले रखी है। वह पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं। उन्होंने साल 1972 में बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (अब NIT Patna) से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी।
सम्राट चौधरी की कौन सी डिग्री पर मचा था बवाल?
अक्टूबर 2025 में न्यूज 24 कॉन्क्लेव के दौरान सम्राट चौधरी से प्रशांत किशोर के आरोपों पर सवाल किया गया था। जवाब में उन्होंने अपनी पढ़ाई का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने कामराज विश्वविद्यालय से PFC कोर्स किया है और इसकी जानकारी अपने हलफनामे में भी दी है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति चाहे तो विश्वविद्यालय से इसकी पुष्टि कर सकता है।
अब उनके सीएम बनने की चर्चा तेज है तो पीएफसी कोर्स को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। 2025 के चुनावी घोषणा पत्र में भी इस कोर्स का जिक्र किया गया था। सम्राट चौधरी खुद को एक किसान भी मानते हैं और तारापुर सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। अपने हलफनामे में उन्होंने अपनी उच्चतम शैक्षणिक योग्यता Doctor of Litt (मानद), PFC कामराज विश्वविद्यालय से प्राप्त बताई है, जिससे उनका जुड़ाव राजनीति के साथ-साथ शिक्षा और खेती से भी दिखता है।
सम्राट के नाम 27 की उम्र में मंत्री बनने का रिकॉर्ड
राजनीति सम्राट चौधरी के खून में है। उनके पिता शकुनी चौधरी (Shakuni Choudhary) बिहार के दिग्गज नेता रहे हैं। पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने 90 के दशक में राजनीति शुरू की और 1999 में महज 27 साल की उम्र में राबड़ी देवी सरकार में मंत्री बनकर सबको चौंका दिया था। कम उम्र में मिली इस जिम्मेदारी ने उनके राजनीतिक कौशल को निखारने का काम किया।
चुनावी सफर और दल-बदल से नेतृत्व तक
- साल 2000: परबत्ता विधानसभा सीट से जीत हासिल कर पहली बार विधानसभा पहुंचे।
- साल 2010: दोबारा जीत दर्ज की और सदन में विपक्ष के मुख्य सचेतक की भूमिका निभाई।
- साल 2014: एक बड़ा मोड़ आया जब उन्होंने आरजेडी का साथ छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया।
- मंत्री पद: बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने शहरी विकास, आवास और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला।
बीजेपी में बढ़ता कद और मुख्यमंत्री की दौड़
मार्च 2023 में सम्राट चौधरी को बिहार BJP का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जिसने राज्य में पार्टी की आक्रामकता को नई ऊर्जा दी। जनवरी 2024 में उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया और NDA सरकार में वह उपमुख्यमंत्री बने। नवंबर 2025 में NDA की सरकार में वो दोबारा उपमुख्यमंत्री बने और साथ में गृहमंत्रालय का भी कार्यभार संभाला। अब वो बिहार के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं।
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