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'किसी भी घर में रोहिणी जैसी बेटी पैदा ना हो, मेरा मायका छुड़वाया,अनाथ बनाया', लालू की बेटी का फिर छलका दर्द

Rohini Acharya: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने सिर्फ राजनीतिक समीकरण नहीं बदले, बल्कि लालू परिवार के अंदर भी बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है। पार्टी की करारी हार के बाद तेजस्वी यादव के सबसे करीबी माने जाने वाले संजय यादव को लेकर पूरा परिवार दो हिस्सों में बंटता दिख रहा है। इसी विवाद की आग ने सबसे ज्यादा असर किया है लालू प्रसाद यादव की सिंगापुर में रहकर उनका इलाज करवाने वाली बेटी रोहिणी आचार्य पर, जिसने शनिवार (15 नवंबर) देर रात अपना घर छोड़ दिया।

रोहिणी का दर्द-'मेरे जैसी बेटी किसी घर में न हो'

अब रविवार (16 नवंबर) की सुबह रोहिणी ने भावुक कर देने वाला पोस्ट लिखा। रोहिणी ने एक्स पर लिखा, ''कल एक बेटी, एक बहन , एक शादीशुदा महिला , एक मां को जलील किया गया , गंदी गालियां दी गयीं , मारने के लिए चप्पल उठाया गया , मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया , सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पड़ी। कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए माँ-बाप बहनों को छोड़ आई , मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया, मुझे अनाथ बना दिया गया। आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें , किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी-बहन पैदा ना हो।''

Rohini Acharya

'मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूं'

रोहिणी ने अपने एक अन्य पोस्ट में लिखा,''कल मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूं और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी , करोड़ों रुपये लिए,टिकट लिया तब लगवाई गंदी किडनी, सभी बेटी -बहन,जो शादीशुदा हैं उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा-भाई हो ,तो भूल कर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं,अपने भाई ,उस घर के बेटे को ही बोले कि वो अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे।''

उन्होंने आगे कहा, ''सभी बहन-बेटियां अपना घर -परिवार देखें, अपने माता-पिता की परवाह किए बिना अपने बच्चे ,अपना काम,अपना ससुराल देखें ,सिर्फ अपने बारे में सोचें। मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनो बच्चों को नहीं देखा , किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से अनुमति ली, अपने भगवान, अपने पिता को बचाने के लिए वो कर दिया जिसे आज गंदा बता दिया गया। आप सब मेरे जैसी गलती कभी ना करें, किसी घर रोहिणी जैसी बेटी ना हो''

पार्टी से निकाले जाने का आरोप,'मेरा कोई परिवार नहीं'

शनिवार रात पटना एयरपोर्ट पर रोहिणी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "मेरा कोई परिवार नहीं है। उन्होंने ही मुझे परिवार से बाहर किया है। पार्टी की हार पर सवाल पूछो तो गाली दी जाती है, चप्पल उठाई जाती है। सारी दुनिया पूछ रही है कि RJD का ये हाल क्यों हुआ, पर कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।"

रोहिणी ने सीधे तौर पर तेजस्वी के रणनीतिक सलाहकार और राज्यसभा सांसद संजय यादव के साथ-साथ रमीज पर भी दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

आरोपों के निशाने पर संजय यादव और रमीज

रोहिणी लिखती हैं कि पार्टी में असली फैसले संजय यादव और रमीज लेते हैं। संजय यादव तेजस्वी के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार माने जाते हैं। रमीज, जो हत्या समेत कई मामलों में आरोपी रिजवान जहीर के दामाद हैं, RJD का सोशल मीडिया और इलेक्शन मैनेजमेंट देखते हैं। रोहिणी का कहना है कि इन्हीं दोनों ने उन्हें राजनीति और परिवार से दूरी बनाने को मजबूर किया।

सितंबर में भी रोहिणी ने परिवार के सभी सदस्यों को सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया था, तब भी संजय को लेकर विवाद सामने आया था।

तेजप्रताप का प्रहार-'जयचंदों ने RJD को खोखला किया'

RJD को इस बार केवल 25 सीटें मिली हैं, जबकि 2020 में पार्टी के पास 75 सीटें थीं। तेजप्रताप खुद करीब 50 हजार वोटों से चुनाव हार गए। नतीजों के बाद तेजप्रताप ने भी मोर्चा खोलते हुए लिखा, "जयचंदों ने RJD को अंदर से खोखला कर दिया।" उन्होंने भी अप्रत्यक्ष रूप से संजय यादव पर निशाना साधा था।

परिवार से दरार गहराई-तेजप्रताप भी निकाले जा चुके

याद दिला दें कि कुछ महीने पहले ही लालू यादव ने अपने बड़े बेटे तेजप्रताप को भी पार्टी और परिवार से बाहर कर दिया था, और उस समय भी तेजप्रताप ने उसी संजय यादव को जिम्मेदार ठहराया था। अब उसी विवाद ने नई आग पकड़ ली है, जिससे रोहिणी सबसे ज्यादा आहत दिख रही हैं।

चिराग पासवान बोले- मीसा हों या रोहिणी, मैंने उन्हें अपना भाई-बहन माना है

आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य के राजनीति छोड़ने और अपने परिवार से नाता तोड़ने के फैसले पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, "मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा क्योंकि मैं समझ सकता हूं कि जब कोई परिवार ऐसी मुश्किल स्थिति से गुजरता है तो उसकी मानसिक स्थिति क्या होती है। मैं भी इससे गुजरा हूं। हमारे बीच राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मैंने हमेशा लालू जी के परिवार को अपना माना है। चाहे तेजस्वी हों, तेज हों, मीसा हों या रोहिणी, मैंने उन्हें अपना भाई-बहन माना है। इसलिए, मैं प्रार्थना करता हूं कि यह पारिवारिक विवाद जल्द से जल्द सुलझ जाए। अगर परिवार में एकता है, तो व्यक्ति बाहर कठिन परिस्थितियों से लड़ सकता है। परिवार निश्चित रूप से कठिन परिस्थिति से गुजर रहा होगा।''

क्या RJD में बड़ा विस्फोट होने वाला है?

चुनाव नतीजों, परिवारिक खींचतान, तेजस्वी के करीबी सलाहकारों की बढ़ती भूमिका और लालू परिवार में पनप रहे अविश्वास ने RJD को बड़े संकट में डाल दिया है। रोहिणी ने साफ कहा है कि अब वह न राजनीति का हिस्सा रहेंगी, न परिवार का। उनका यह कदम यह संकेत देता है कि सरकार बदलने के बाद अब RJD के भीतर भी एक बड़ा भूचाल आने वाला है।

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