Purnia Hot Seat Profile: OBC बाहुल्य क्षेत्र, मारवाड़ी वोट ज्यादा, पीएम मोदी ने यहां किसके लिए मांगे वोट?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बिहार के गया और पूर्णिया में जनसभा की। इस दौरान पीएम मोदी ने संविधान, भ्रष्टाचार, राम मंदिर और आतंकवाद पर इंडी गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पूर्णिया में कहा कि घमंडिया गठबंधन के लोग सनातन को मिटाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि वंचितों को किसी ने नहीं पूछा, हम पूज रहे हैं।
पूर्णिया में लंबे समय से एयरपोर्ट की मांग हो रही है। इस मांग को पूरा करने का संकेत पीएम मोदी ने दिया। जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा,'हमारी सरकार सीमांचल में अच्छी सड़कों का निर्माण करवा रही है। अब वह दिन दूर नहीं, जब पूर्णिया में हवाई जहाज भी उतरेगा।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में आगे कहा,'आपकी इच्छा थी कि कश्मीर से 370 हटनी चाहिए। लेकिन घमंडिया गठबंधन वाले कहते थे कि 370 हटी तो कश्मीर में आग लग जाएगी। आज 370 का अंत हो चुका है। आज कश्मीर में नहीं भारत को बांटने वालों के मंसूबों में आग लगी है।'
प्रधानमंत्री ने कहा- आज हर कोई कह रहा है, बड़े कामों का दम सिर्फ बीजेपी के पास है। पहले अड़ोस-पड़ोस के देश हमला करके चले जाते थे। देश में जवानों की शहादत होती थी। लोगों को दुख के साथ गुस्सा भी आता था, आपका मन करता था कि इन्हें घर में घुसकर मारो। मोदी ने आपकी इच्छा पूरी की, जो देश हमें आंखें दिखाता था वो आज कटोरा लेकर भटक रहा है।
आपको बता दें कि पूर्णिया सीमांचल की सबसे अहम सीट है। सीमांचल के बारे में एक बात कही जाती है कि इस इलाके में अगर सियासी सिक्का जमाना है तो किसी भी राजनीतिक दल के लिए पूर्णिया लोकसभा सीट से जीत की चाबी अपने पास लेनी जरूरी है। पूर्णिया लोकसभा सीट पर बढ़त या जीत का सीधा असर आसपास के कई लोकसभा सीटों पर देखने को मिलता है। यही वजह है कि हर दल चाहता है कि वह पूर्णिया को जीते।
मारवाड़ी समुदाय की अच्छी आबादी
पूर्णिया लोकसभा सीट में 18 लाख के करीब मतदाता हैं। इनमें से 60 फीसदी हिंदू वोटर्स और लगभग 40 फीसदी मुस्लिम वोटर्स हैं। यहां मारवाड़ी और बनिया की आबादी काफी अधिक है। अगर जातीय समीकरण की बात करें तो पूर्णिया में ओबीसी के साथ एससी-एसटी मतदाताओं की संख्या जोड़कर 5 लाख से ऊपर चली जाती है।
पूर्णिया लोकसभा सीट के अंदर कुल 6 विधानसभा सीटें आती हैं जिनमें कोढ़ा, बनमनखी और कसबा विधानसभा सीटें मुस्लिम बहुल हैं। यादव मतदाताओं की तादाद तकरीबन डेढ़ लाख है। इसके अलावा राजपूत और ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या कुलमिलाकर करीब 3 लाख है। पूर्णिया लोकसभा सीट के बनमनखी विधानसभा क्षेत्र को यादव बहुल माना जाता है जबकि धमदाहा, रुपौली और पूर्णिया में सवर्ण मतदाताओं का अच्छा प्रभाव है।
2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी और जनता दल यूनाइटेड अलग-अलग चुनाव लड़ रही थी। दिलचस्प बात ये है कि तब अकेले लड़ने के बावजूद जेडीयू को यहां से जीत मिली थी। इस चुनाव नतीजे के बाद कहा यह गया था कि बीजेपी के तत्कालीन सांसद उदय सिंह से जनता खुश नहीं थी। तब जेडीयू के टिकट पर संतोष कुमार कुशवाहा ने उदय सिंह को एक लाख से भी अधिक वोटों से हराया था।
जीत की हैट्रिक लगा पाएंगे संतोष कुशवाहा?
इसके बाद 2019 में संतोष कुशवाहा को एक बार फिर से टिकट मिला। तब बीजेपी की तरफ से चुनाव लड़ रहे उदय सिंह ने कांग्रेस से किस्मत आजमाया था। लेकिन उन्हें फिर से निराशा हाथ लगी। एक बार फिर से एनडीए को जिताने का जिम्मा संतोष कुशवाहा को मिला है। वो अपनी चुनावी हैट्रिक लगाने के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं।
संतोष कुशवाहा के खिलाफ हाल ही में जेडीयू से आरजेडी में गईं विधायक बीमा भारती खड़ी हैं। इस बार यहां से बिहार के कद्दावर नेता राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। पप्पू यादव से यहां से सांसद भी रह चुके हैं। पप्पू यादव के यहां चुनाव लड़ने से मामला त्रिकोणीय हो गया है।












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