सोनपुर का प्रसिद्ध पशु मेला, जो आज सिर्फ 'डर्टी डांस' की वजह से जाना जाता है

पटना। बिहार का सबसे प्रसिद्ध मेला, सोनपुर मेला गुरुवार से शुरू हो चुका है। बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने इस मेले का शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता राज्य के पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने की। मेले में विशेष अतिथि के तौर पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री राम नारायण मंडल, सांसद जनार्दन सिंह सीग्रीवाल, राज्य सभा सांसद हरिवंश मौजूद थे। मेले में पर्यटकों का आना शुरू हो गया है। आइए हम आपको बताते हैं इस मेले की कहानी और खासियत के बारे में। कैसे जिस मेले में कभी राजा महाराजाओं का आना हुआ करता था आज वहां अश्लील डांस ने अपना कब्जा जमा लिया है।

चंद्रगुप्त मौर्य के समय का है ये मेला

चंद्रगुप्त मौर्य के समय का है ये मेला

सोनपुर में लगने वाला मेला आज का नहीं बल्कि उस जमाने का है जब पैसे का प्रचलन नहीं हुआ था। लोग यहां सामान के बदले सामान लेने के लिए आते थे। किसान से लेकर राजा महाराजा तक सभी यहां पहुंचते थे जहां किसान अनाज लेकर पशु और खेती में इस्तेमाल होने वाले सामान खरीद कर ले जाता था तो राजा महाराजा अपने लिए हाथी और घोड़े खरीदते थे।यह मेला कभी गंडक के दोनों किनारे पर लगता था। हाजीपुर के हथसार से नखास और बिद्दुपुर तक इसका क्षेत्र था जहां गंडक के दोनों किनारे हाथी बांधे जाते थे। इस मेला में ईरान और मुल्तान के व्यापारी अरबी भी घोड़े लेकर आते थे। तो इस मेले में चंद्रगुप्त मौर्य ने भी बैल, घोड़े, हाथी और हथियारों की खरीदारी की थी। वही 1857 की लड़ाई के लिए बाबू वीर कुंवर सिंह ने भी यहीं से अरबी घोड़े, हाथी और हथियारों का संग्रह किया था।

एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला

एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला

कभी एशिया के सबसे बड़े पशु मेला के रूप में विख्यात सोनपुर मेला राजा महाराजाओं का मेला माना जाता था जहां दूर-दूर से लोग पशु खरीदने के लिए आते थे। यहां हाथी घोड़े ऊंट दिखते थे लेकिन बदलते समय के अनुसार अब यह मेला का रंग रूप भी बदलने लगा है। जहां पहले गंडक नदी के दोनों किनारों पर सैकड़ों हाथी बांधे जाते थे वहीं अश्लील लड़कियों की तस्वीर देखने को मिलती है। हर साल की भांति इस साल भी इस मेले में जहां पशुओं का बाजार लग चुका है तो दूसरी तरफ लोगों के दिलों को बहलाने के लिए यहां आधा दर्जन से अधिक थिएटर भी लगाए गए हैं।

रात में होता है अश्लील डांस

रात में होता है अश्लील डांस

मेले में जो लोग यहां पहुंचते हैं वह दिनभर घूमकर पशुओं को देखते हैं और शाम होते ही वह थिएटर के निकट पहुंच जाते हैं जहां शाम 8 बजे से स्टेज पर नाचने गाने का प्रोग्राम शुरू होता है। फिर लोगों को लुभाने के लिए यहां अश्लीलता भी परोसी जाती है और सारी रात बार बालाओं का डर्टी डांस चलता रहता है। जैसे-जैसे रात ढलती जाती है वैसे वैसे बार डांसर उत्तेजित होती जाती है। फिर यहां मुकाबला होता है कि किस थिएटर में कितनी सुंदर लड़कियां है। फिर रात भर अश्लील भोजपुरी गाने पर डांस चलता रहता है। इस दौरान लड़कियां कभी कभी सेमी न्यूड भी हो जाती है। हालांकि प्रशासन के द्वारा पिछले कई वर्षों से सेमी न्यूड डांस को लेकर रोक लगा दिया गया है। फिर भी चोरी छुपे इस तरह के नाच कराए जाते हैं। थियेटर्स में एंट्री के लिए लोगों को 500 से 1000 रुपए का टिकट खरीदना होता है। वही भीड़ को काबू करने स्टेज के पास बाकायदा तार की फेंसिंग लगाई जाती है और बाउंसर्स खड़े किए जाते हैं।

मेले का यह है धार्मिक महत्व

मेले का यह है धार्मिक महत्व

पौराणिक कथा के अनुसार सोनपुर में भगवान विष्णु की सवारी हाथी और मगरमच्छ के बीच भीषण लड़ाई हुई थी। इस लड़ाई में हाथी हार गया था जिसके बाद वह अपने प्राण बचाने के लिए भगवान से गुहार लगा रहा था तभी भगवान विष्णु वहां प्रगट हुए थे और हाथी की जान बचाई थी। इस मेला का वर्णन वराह पुराण में भी है। लेकिन अब कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाले यह प्रसिद्ध सोनपुर मेला की पहचान बदल गई है। अब यह मेला नेपाल, कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और राजस्थान से लाई गई लड़कियों के डर्टी डांस की वजह से चर्चा में रहता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+