मोदी के पैर छूकर नीतीश ने खेला 2025 की जीत का दांव, बिहार को किया शर्मसार: प्रशांत किशोर
Prashant Kishor Target Nitish Kumar: राजनीतिक रणनीतिकार से सामाजिक कार्यकर्ता बने प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर आलोचना की है। उन्होंने कहा कि नीतीश ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर सत्ता बनाए रखने के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता किया है।
भागलपुर में एक जनसभा में आरोप लगाया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मोदी के पैर छूकर राज्य को शर्मसार कर दिया। किशोर ने यह भी कहा कि कुमार ने सत्ता में अपनी निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया।
किशोर की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण से पहले एनडीए संसदीय दल की बैठक के दौरान नीतीश कुमार द्वारा झुक कर उनके पैर छूने के संदर्भ में आई है।

'नीतीश ने अंतरात्मा को बेचा'
किशोर ने कहा कि लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं अब नीतीश कुमार की आलोचना क्यों कर रहा हूं, जबकि मैंने उनके साथ पहले भी काम किया है। तब वह एक अलग व्यक्ति थे। उनकी अंतरात्मा को बेचा नहीं गया था। उन्होंने पिछले सप्ताह दिल्ली में हुई एनडीए की बैठक का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि किसी राज्य का नेता उस राज्य के लोगों का गौरव होता है। लेकिन, नीतीश कुमार ने मोदी के पैर छूकर बिहार को शर्मसार कर दिया। आपको बता दें कि 2015 में जेडी(यू) अध्यक्ष के चुनाव अभियान का किशोर ने ही प्रबंधन किया था। दो साल बाद औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल हुए थे।
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'2025 की प्लानिंग में लगे नीतीश'
दरअसल, नीतीश कुमार की जद (यू) ने लोकसभा चुनाव में 12 सीटें जीतीं। जिसके बाद जेडीयू बीजेपी नीत वाली एनडीए का दूसरा सबसे बड़ा घटक दल बनकर उभरी। इसकी मदद से, केंद्र में मोदी सरकार लगातार तीसरी बार लौटने में कामयाब रही।
किशोर ने कहा कि मोदी की सत्ता में वापसी में नीतीश कुमार की अहम भूमिका को लेकर काफी चर्चा है। लेकिन, बिहार के मुख्यमंत्री अपने पद का लाभ कैसे उठा रहे हैं? वह राज्य के लिए लाभ सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। वह यह सुनिश्चित करने के लिए पैर छू रहे हैं कि 2025 के विधानसभा चुनावों के बाद भी वह बीजेपी के समर्थन से सत्ता में बने रहें।
किशोर के बारे में जानें
मालूम हो कि किशोर पहली बार 2014 में मोदी के शानदार सफल लोकसभा चुनाव अभियान को संभालने के बाद प्रसिद्धि में आए थे। 2021 में जब उन्होंने राजनीतिक परामर्श का काम छोड़ दिया, तब तक किशोर ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और जगन मोहन रेड्डी सहित कई हाई-प्रोफाइल राजनेताओं के लिए काम कर चुके थे।












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