Prashant Kishor राजनीति से संन्यास नहीं लेंगे तो क्या करेंगे? बताया फ्यूचर का प्लान, क्या करती हैं पत्नी?
Prashant Kishor Future Plans: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जन सुराज पार्टी (JSP) की शून्य सीटों वाली करारी हार के बाद मशहूर रणनीतिकार और JSP संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) सुर्खियों में छा गए। चुनावी दांव पर फेल होने के बावजूद, PK ने मंगलवार (18 नवंबर 2025) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में हार की 100% जिम्मेदारी खुद ली। कहा, 'मैंने जनता का विश्वास नहीं जीत पाया, लेकिन बिहार के भविष्य के लिए मेहनत दोगुनी कर दूंगा।' 20 नवंबर को चंपारण के गांधी भीतिहरवा आश्रम में मौन उपवास रखने का फैसला लेते हुए उन्होंने भविष्य का 'ब्लूप्रिंट' भी साझा किया - जो बिहार को 'नई व्यवस्था' देने का रोडमैप है।
इस बीच, पीके का चुनाव से पहले का दावा- 'JDU को 25 सीटें मिलीं तो राजनीति छोड़ देंगे।' संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर जगह बनाने लगा। क्योंकि, नतीजों में JDU की 85 सीटें जीतीं। ऐसे में सवाल उठे कि क्या प्रशांत किशोर राजनीति से संन्यास लेंगे? PK ने सभी अफवाहों को लताड़ते हुए कहा, 'मैं किस पद से इस्तीफा दूं? आइए जानते हैं बिहार चुनाव में हार के बाद PK का क्या रोडमैप? क्या करती है पत्नी? जानें...

चुनावी हार का 'प्रायश्चित': 100% जिम्मेदारी ली, उपवास का ऐलान
बिहार की 243 सीटों पर JSP ने 238-243 उम्मीदवार उतारे, लेकिन एक भी जीत न मिलने से पार्टी का खाता नहीं खुला। वोट शेयर महज 3.4% रहा, और ज्यादातर उम्मीदवार जमानत तक हार गए। PK ने कहा, 'हम व्यवस्था परिवर्तन तो छोड़िए, सत्ता परिवर्तन भी नहीं करा पाए। हमारी सोच और प्रयासों में कमी थी, जिससे जनता ने विश्वास नहीं दिखाया। अगर जनता ने हमें नहीं चुना, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मेरी है।' उन्होंने जोर देकर कहा, 'हमने जाति-धर्म का जहर नहीं फैलाया। जो ऐसा करके जीतते हैं, उन्हें हिसाब देना होगा।' इस 'गलती' के प्रायश्चित में PK 20 नवंबर को गांधी आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखेंगे।

भविष्य का 'ब्लूप्रिंट': बिहार को नई दिशा
PK ने साफ कहा, ' बिहार के लिए बोलना और काम करना बंद नहीं करूंगा। पिछले 3 साल की मेहनत से दोगुना प्रयास करूंगा। पीछे हटने का सवाल ही नहीं।' उनका भविष्य रोडमैप 'जन सुराज चैप्टर 2' पर फोकस्ड है - ग्राउंड-लेवल सुधार और जनता को 'नई व्यवस्था' समझाना।

Who Is Prashant Kishore Wife: कौन हैं प्रशांत किशोर की पत्नी? क्या करती हैं?
PK की पत्नी जाह्नवी दास (जन्म: गुवाहाटी, असम) पेशेवर डॉक्टर हैं, जिन्होंने UN के हेल्थ प्रोग्राम में PK से मुलाकात की। दोनों की लव स्टोरी वहां शुरू हुई - बातें बढ़ीं, प्यार हुआ, और शादी हो गई। जाह्नवी ने लंबे समय तक हेल्थ प्रोजेक्ट्स पर काम किया, लेकिन 2023 में जन सुराज लॉन्च के बाद डॉक्टरी छोड़ दी। पटना के महिला संवाद में PK ने पहली बार उन्हें स्टेज पर लाया, जहां जाह्नवी ने महिलाओं से बात की।

अब जाह्नवी PK का घर संभाल रही हैं। दंपति का एक बेटा है, जो 8वीं कक्षा में पढ़ता है। चुनावी हार के बाद जाह्नवी ने कहा, 'PK का संकल्प बिहार के लिए है, हम साथ हैं।' वे JSP के महिला विंग में बैकग्राउंड सपोर्ट देती रहीं, लेकिन अब फैमिली फोकस।
बिहार चुनाव 2025 में PK का स्कोर '0'
| क्रमांक | सीट | कुल सीट | जनसुराज की सीटें |
|---|---|---|---|
| 1 | मिथिलांचल | 46 | 0 |
| 2 | तिरहुुत | 64 | 0 |
| 3 | शाहाबाद | 22 | 0 |
| 4 | अंग प्रदेश | 27 | 0 |
| 5 | कोसी | 13 | 0 |
| 6 | सीमांचल | 24 | 0 |
| 7 | मगध | 47 | 0 |
| 8 | कुल | 243 | 0 |
प्रशांत किशोर का रिपोर्ट कार्ड: 'किंगमेकर' से नेता तक
1. पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में 'किंगमेकर'
प्रशांत किशोर (PK) ने अपने करियर की शुरुआत रणनीतिकार के रूप में की और इसी रोल में उन्होंने सबसे ज्यादा पहचान और सफलताएं हासिल कीं।
- गुजरात में नरेंद्र मोदी/बीजेपी के लिए उन्होंने अपने शुरुआती दौर में (CAG के समय) चुनावी रणनीति तैयार की।
- 2017 यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें अपना सलाहकार बनाया, लेकिन यह दांव असफल रहा।
- इसके बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश/तेलंगाना में वाईएस जगन मोहन रेड्डी की पार्टी को रणनीति दी।
- 2020 में आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली चुनाव अभियान में उनकी टीम (I-PAC) शामिल रही।
- 2021 में पश्चिम बंगाल (TMC) और तमिलनाडु (DMK) में उन्होंने शानदार जीत दिलाकर अपनी रणनीतिक क्षमता फिर साबित की।
PK का दावा रहा है कि देश के 10 राज्यों में बनी सरकारों के पीछे उनकी रणनीति का सीधा योगदान है। बड़े चुनावी अभियानों के लिए उनकी फीस 100 करोड़ रुपये तक बताई जाती है- जो उनकी मार्केट वैल्यू का संकेत है।
राजनेता के रूप में शुरुआत- 'जन सुराज' का सफर और करारी हार
2 अक्टूबर 2023 को PK ने अपनी खुद की पार्टी जन सुराज पार्टी (JSP) लॉन्च की। बिहार में 10,000 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा और 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारने के बाद भी नतीजे बेहद खराब रहे।
- एक भी सीट जीत नहीं सके।
- ज्यादातर उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
- PK ने खुले तौर पर कहा- 'हार की 100% जिम्मेदारी मेरी है।'
लगातार रैलियों, भीड़ और चर्चाओं के बावजूद JSP मतों में इसे भुना नहीं सकी। रणनीतिकार PK और नेता PK- दोनों भूमिकाओं की तुलना में यह साफ दिखा कि जिस चतुराई से वे दूसरों की जीत का रास्ता बनाते हैं, वही सफलता वे खुद के लिए नहीं दोहरा पाए। PK की 'जन सुराज' अब NGO जैसी हो जाएगी? या रणनीति में कमबैक? 20 नवंबर का उपवास देगा संकेत। अपडेट्स के लिए बने रहें।
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