Prashant kishor: प्रशांत किशोर ने आखिर किसे दान कर दी अपनी सारी संपत्ति! प्रोपर्टी के नाम पर रखी बस ये चीजें
Prashant kishor Property: बिहार विधानसभा चुनाव-2025 में करारी हार के बाद प्रशांत किशोर ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। मौन रखने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने न सिर्फ सरकार पर वोट खरीदने का गंभीर आरोप लगाया, बल्कि अपनी संपत्ति को लेकर भी बड़ा ऐलान कर दिया।
प्रशांत किशोर ने कहा कि वे अपनी जिंदगी में अब तक जो भी कमाए, उसमें से लगभग सब कुछ अपनी पार्टी जनसुराज को दान कर रहे हैं। उनके पास सिर्फ दिल्ली स्थित अपना रहने वाला घर और पटना में दो फ्लैट रहेंगे।

जनता से मांगी एक-एक हजार रुपये की मदद, बोलें- जिसने नहीं दिया, उससे नहीं मिलूंगा
प्रशांत किशोर ने जनसुराज को आगे बढ़ाने के लिए जनता से आर्थिक सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि वे लोगों से सिर्फ एक हजार रुपये मांग रहे हैं, चाहे कोई चाहे तो ज्यादा भी दे सकता है। प्रशांत किशोर ने साफ कर दिया कि जो लोग पार्टी को आर्थिक रूप से सपोर्ट नहीं करेंगे, उनसे वे मुलाकात भी नहीं करेंगे।
प्रशांत किशोर ने यह भी बताया कि पिछले तीन साल में बिहार में लगातार घूमने की वजह से लोगों के मन में यह सवाल है कि आगे का खर्च कैसे चलेगा? इस पर प्रशांत किशोर ने कहा कि आने वाले पांच साल तक जो भी कमाई होगी, उसका 90% हिस्सा वे जनसुराज में लगाएंगे।

अपनी 20 साल की सारी संपत्ति जनसुराज को दान करने का ऐलान
प्रशांत किशोर ने अपनी वित्तीय स्थिति और फंडिंग को लेकर 21 नवंबर 2025 को बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पिछले 20 साल में उन्होंने जो भी संपत्ति बनाई है, वह वे जनसुराज को दान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "मैंने अपनी सारी संपत्ति जनसुराज को दे दी है। बस दिल्ली वाला अपना घर और दो फ्लैट अपने पास रखे हैं। बाकी सब कुछ पार्टी के नाम कर दिया है।"
इससे पहले 29 सितंबर 2025 को भी प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया था कि 2021 से 2023 के बीच उन्होंने सलाहकार के तौर पर 241 करोड़ रुपये की फीस ली। इस पर उन्होंने 18% जीएसटी और करीब 20 करोड़ इनकम टैक्स भरा। खर्च निकालने के बाद बाकी बची रकम में से 98 करोड़ रुपये उन्होंने अपने अकाउंट से जनसुराज को दान कर दिए।
वोट खरीदे गए,महिलाओं को 2-2 लाख नहीं मिले तो घेराव करूंगा
प्रशांत किशोर ने बातचीत की शुरुआत में ही NDA सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव में वोट पैसे से खरीदे गए हैं। प्रशांत किशोर के मुताबिक, "सरकार ने 10-10 हजार रुपये देकर वोट खरीदे हैं। अधिकारियों के साथ मिलकर यह पूरा खेल किया गया है।"
उन्होंने महिलाओं के लिए सरकार की ओर से किए गए वादों पर भी सवाल उठाया। PK ने चेतावनी दी कि अगर 6 महीने में महिलाओं को 2-2 लाख रुपये नहीं मिले तो वे हर मंत्री और अफसर का घेराव करेंगे।
नीतीश कैबिनेट पर निशाना, बोले- अपराधियों को मंत्री बनाया गया
प्रशांत किशोर ने नवनियुक्त नीतीश मंत्रिमंडल पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नए कैबिनेट में कई आपराधिक छवि वाले नेताओं को मंत्री बनाया गया है। कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पढ़े-लिखे भी नहीं हैं, लेकिन सियासी विरासत के कारण उन्हें मंत्री पद मिल गया।
प्रशांत किशोर ने कहा, "नीतीश कैबिनेट घाव पर नमक लगाने जैसा है। जिन पर भ्रष्टाचार और अपराध के आरोप हैं, वे मंत्री बने बैठे हैं। बिहार में वोट खरीदे जा चुके हैं, अब सरकार अपनी मर्जी चलाएगी।"
गांधी आश्रम में रखा 24 घंटे का मौन व्रत
चुनाव परिणाम आने के बाद प्रशांत किशोर ने पश्चिम चंपारण के भितिहरवा स्थित गांधी आश्रम में 24 घंटे का मौन रखा। बताया गया कि वे रातभर धरना स्थल पर बैठे ही सो गए। यह मौन किसी विरोध का हिस्सा नहीं था बल्कि आत्ममंथन का एक तरीका था।
जनसुराज की ओर से कहा गया कि PK अपनी हार की जिम्मेदारी लेते हुए जनता के संदेश को भीतर से समझने के लिए यह शांतिपूर्ण उपवास कर रहे थे।
वोट खरीदने के आरोप दोहराए, अभिनेता रितेश पांडे भी बोले
जनसुराज नेता और भोजपुरी अभिनेता रितेश पांडे ने भी प्रशांत किशोर के आरोपों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ने बिहार में ईमानदारी की राजनीति लाने की कोशिश की, लेकिन कुछ लोगों ने लोकतंत्र में सबसे घृणित काम यानी वोट खरीदने का रास्ता चुना। रितेश ने कहा, "गरीबी में जी रहे बिहारियों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ किया गया। जो राज्य खुद संघर्ष कर रहा है, वहीं वोटों को पैसे में तौला गया।"












Click it and Unblock the Notifications