‘INDIA गठबंधन’ पर बिहार में सियासत तेज़, BJP नेता ने धर्म से जोड़ा तो JDU नेता ने कही ये बात
'INDIA Alliance' के नाम पर सियासी पारा तो चढ़ा ही हुआ है, वहीं G-20 शिखर सम्मेलन के निमंत्रण पत्र पर 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' लिखा होने से एक नई बहस छिड़ गई है। भाजपा से राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने कहा कि लालू यादव, नीतीश कुमार और राहुल गांधी में दम है तो इंडिया माता की जय बोलकर दिखाएं।
महागठबंधन के लोग बेवजह का मुद्दा बना रहे हैं, यह लोग सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म के खिलाफ में हैं। उन्होंने (सुशील मोदी) ने कहा कि नीतीश कुमार और ललन सिंह को इंडिया नाम से उच्चारण करने में कोई रोक नहीं है। ऐसा नहीं है कि इंडिया नाम से उच्चारण करने वाले देशद्रोही हो जाएंगे।

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि भारत के PM ने G-20 सबमिट के आमंत्रण पत्र पर भारत लफ़्ज़ लिखा तो इन लोगों (महागठबंधन) को आपत्ति की ज़रूरत नहीं थी। नाम बदलने की कोई कवायद नहीं चल रही, जो इंडिया बोलना चाहें बोल सकते हैं, जिन्हें भारत कहना है वह कह सकते हैं।
सुशील मोदी ने कहा कि देश के राष्ट्रगान में भी भारत लफ़्ज़ इस्तेमाल हुआ है, इंडिया लफ़्ज़ का इस्तेमाल नहीं हुआ है। तमिलनाडु में उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को गाली दी, महागठबंधन के नेता उनके साथ खड़े होते नज़र आ रहे हैं। पीएम मोदी द्वारा किए गए हर एक काम से इन्हें दिक्कत है, यह लोग चीज़ों का विरोध करते हैं। महागठबंधन का नाम इंडिया रखने से हम लोगों को कोई दुश्वारी नहीं है।
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ललन सिंह (राष्ट्रीय अध्यक्ष जदयू) ने भी भाजपा पर निशाना साधा है, उन्होंने कहा कि INDIA लफ़्ज़ से भाजपा नेता हताश हैं, उनकी घबराहट साफ नज़र आ रही है। देश की जनता में जो भाजपा के खिलाफ अविश्वास है, उसे यह लोग कैसे मिटाएंगे, नाम बदलने से क्या होगा? इन लोगों को जितना भी ड्रामा करना है, करते रहे।
ललन सिंह ने कहा कि भाजपा देश के इतिहास को बदलकर अपने नाम इतिहास करना चाहते हैं। इतिहास से बापू का नाम हटाकर नरेंद्र मोदी के नाम कर देना चाहते हैं। ललन सिंह ने कहा कि बिना एजेंडा बताए स्पेशल सेशन पहले कभी नहीं बुलाया गया हो। किस मुद्दे पर बहस होने वाली है बताया ही नहीं। अपनी मर्ज़ी से लोकतंत्र चलाना चाहते हैं।












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