तेजस्वी की रैली में पीएम मोदी की आवाज! क्यों हुआ ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल? जानिए
लोकसभा चुनाव के दौरान एनडीए और आईएनडीआईए में शामिल दलों के बीच आरोप प्रत्यारोपों के दौर चल रहा है। बिहार में इस बीच आरजेडी लगातार बीजेपी पर हमलावर है। मधुबनी में एक रैली के दौरान तेजस्वी यादव को सुनने के लिए एकत्र लोगों ने जब अचानक पीएम मोदी की आवाज सुनी तो एक बार वो चौंक से गए, हालांकि ये सब प्रायोजित था, राष्ट्रीय जनता दल नेता व बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम ने खुद ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए जनता को पीएम मोदी के कुछ उन दिनों को पूर्व भाषणों को सुनाया, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी ने मंगलवार को मधुबनी में रैली को संबोधित करते हुए पोर्टेबल ब्लूटूथ स्पीकर पर पीएम मोदी के पुराने भाषणों के कुछ हिस्से बजाए, जब वह गुजरात के सीएम थे। रैली के बाद अपने एक्स अकाउंट पर इसका वीडियो शेयर करते हुए तेजस्वी ने कहा, "कल चुनावी सभा में एक मित्र मेरे लिए पोर्टेबल स्पीकर लेकर आए। इसमें क्या था? आप भी इसे सुनें और दूसरों को भी सुनाएं। जनता अब प्रधानमंत्री के 10 साल के वादों को सुन रही है और बता रही है।"

बीजेपी को निशाने पर लेते हुए तेजस्वी ने कहा कि जनता का ध्यान भटकाने के लिए बीजेपी नेता कुछ भी कह और कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "सार्वजनिक जीवन में इतने ऊंचे पद पर रहते हुए किसी को इतने झूठ नहीं बोलने चाहिए। केवल वही वादा करें जो आप पूरा कर सकें।"
वीडियो में क्या कहते सुने गए पीएम मोदी?
दरअसल, आरजेडी नेता ने इस रिकॉर्डिंग के जरिए मौजूदा केंद्र सरकार को वादे पूरा ना करने के लिए सवालों कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की, जिसमें पीएम मोदी के कई पुराने भाषणों के अंश को मर्ज किया गया था। तेजस्वी ने मधुबनी में मंच पर मौजूद लोगों को चुप रहने के लिए कहा गया और तेजस्वी ने ब्लूटूथ स्पीकर को माइक के पास लाया, फिर उसे चालू कर दिया। दो मिनट के इस ऑडियो में पीएम की आवाज में सुना गया, "अगर महंगाई इसी तरह बढ़ती रही तो गरीब क्या खाएंगे? लेकिन प्रधानमंत्री (तत्कालीन पीएम डॉ. मनमोहन सिंह) महंगाई का 'एम' बोलने को तैयार नहीं हैं...मरोगे तो नियति...अरे, गरीबों के घर में चूल्हा नहीं जलता, रोती है रात को माँ देश के नेताओं को गरीबों की परवाह तक नही...।"












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