Darbhanga AIIMS: पीएम मोदी बुधवार को रखेंगे आधारशिला, मिथिलांचल में क्यों है इसकी बड़ी अहमियत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को दरभंगा में एम्स की आधारशिला रखेंगे। यह पटना के बाद बिहार में दूसरा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS)होगा। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने पुष्टि की कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नया एम्स दरभंगा में एकमी शोभन बाईपास पर स्थित होगा और इसकी अनुमानित लागत लगभग 1,700 करोड़ रुपए है।
दरभंगा में एम्स की स्थापना उत्तर बिहार और उसके निवासियों के लिए एक बड़े वरदान के रूप में देखी जा रही है। पांडे ने कहा, 'दरभंगा में एम्स बिहार और उसके लोगों को दिया गया एक बड़ा तोहफा है। हम प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को इसके लिए मंजूरी देने के लिए धन्यवाद देते हैं।' इस परियोजना का उद्देश्य न केवल बिहार के भीतर बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के साथ समारोह में शामिल होंगे। बिहार सरकार ने निर्माण की सुविधा के लिए एकमी शोभन बाईपास पर 37 एकड़ से अधिक भूमि हस्तांतरित करके महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कुल मिलाकर, राज्य सरकार द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को परियोजना के लिए 187.44 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।
एम्स परिसर में न केवल एक अस्पताल होगा, बल्कि इसमें चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा के लिए समर्पित एक शिक्षण खंड भी शामिल होगा। इसके अतिरिक्त, इसके संचालन में सहायता के लिए आवासीय क्षेत्र और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी होंगी।
पांडे ने कहा कि मौजूदा नेतृत्व में बिहार में चिकित्सा सुविधाओं में तेजी से सुधार हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एम्स दरभंगा जैसी परियोजनाओं के साथ यह प्रगति जारी रहेगी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सितंबर 2020 में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत इस परियोजना को मंजूरी दी थी। दरभंगा पहले ही बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं का बहुत बड़ा केंद्र रहा है। लेकिन, एम्स जैसे संस्थान के अपने मायने हैं और इससे पूरे उत्तर बिहार के निवासियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।












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