Bihar Election 2025: PM Modi के दौरे से पहले BJP की बड़ी बैठक, सीट बंटवारे और वोटर अधिकार यात्रा पर मंथन
Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, सियासी तापमान तेजी से बढ़ रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर होने वाली भाजपा की अहम बैठक ने यह साफ संकेत दिया कि पार्टी अब चुनावी मोड में पूरी तरह उतर चुकी है। वहीं, दूसरी ओर तेज प्रताप यादव ने अरवल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला।
भाजपा की रणनीति बैठक: सीट बंटवारे और 'वोटर अधिकार यात्रा' पर मंथन
सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह की अगुवाई में हुई इस बैठक में भाजपा कोर कमेटी और शीर्ष नेतृत्व ने सीट बंटवारे की रूपरेखा, आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और वोटर अधिकार यात्रा के फीडबैक पर गहन चर्चा की। अमित शाह ने नेताओं से यात्रा के दौरान जुटी भीड़, जनता की प्रतिक्रिया और स्थानीय मुद्दों पर जमीनी रिपोर्ट ली।

विपक्ष द्वारा लगाए गए वोटर लिस्ट से नाम कटने के आरोपों की भी समीक्षा की गई। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के बयानों के संभावित असर पर पार्टी नेताओं ने अपने-अपने इनपुट दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 13 सितंबर पूर्णिया दौरे को लेकर भी विशेष रूप से तैयारियों की समीक्षा हुई।
पीएम यहां हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। यह आठ महीने में उनका सातवां बिहार दौरा होगा। बैठक में भाजपा प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, शाहनवाज हुसैन, गिरीराज सिंह, नित्यानंद राय समेत कई दिग्गज मौजूद रह सकते हैं।
तेज प्रताप यादव का पलटवार: "घर में कैद नहीं होगा"
भाजपा जहां चुनावी रणनीति पर मंथन कर रही है, वहीं तेज प्रताप यादव ने अरवल में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि "प्रधानमंत्री बिहार आकर मोतिहारी चीनी मिल की चाय की बात करते हैं, लेकिन आज तक एक भी चीनी मिल चालू नहीं हुई।"
अपनी आलोचनाओं पर जवाब देते हुए तेज प्रताप ने कहा, "कुछ बहुरूपिया मुझे घर की चारदीवारी में कैद करना चाहते थे, लेकिन तेज प्रताप घर में कैद होने वाला नहीं है। हम ही विरोधियों को घर में बंद करेंगे।" उन्होंने हाल की आपराधिक घटनाओं, विशेषकर मनेर में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या को लेकर सरकार की आलोचना की और कहा कि राज्य सरकार अपराध नियंत्रण में पूरी तरह विफल रही है।
भाजपा की रणनीतिक मजबूती बनाम विपक्ष का आक्रामक तेवर
भाजपा का फोकस इस समय संगठन सुदृढ़ीकरण, जनसंपर्क और पीएम मोदी की लगातार बिहार यात्राओं पर है। पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि केंद्र और राज्य नेतृत्व मिलकर विकास और स्थिरता की गारंटी हैं। दूसरी ओर, राजद युवा नेतृत्व विशेषकर तेजस्वी लगातार मुद्दों को जनता के बीच भुनाने की कोशिश में हैं।
तेज प्रताप का आक्रामक अंदाज और भावनात्मक बयान उनकी सक्रियता दिखाते हैं, लेकिन यह भी साफ है कि राजद सत्ता विरोधी माहौल और जनता की असंतोष की धारणा को भुनाना चाहती है। कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति में इस समय भाजपा की रणनीति और राजद की आक्रामकता आमने-सामने है। चुनावी समर से पहले दोनों दलों के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तीखा होने की संभावना है।












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