लालू के 'बड़का हिटलर' हैं 'शताब्दी समारोह' में मोदी के साथ, नहीं पहुंचने वाले अब लालू!

दूसरी तरफ पूरे देश की निगाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर टिकी हुई हैं क्योंकि लालू प्रसाद यादव से अलग होने के बाद पहली बार इन दोनों की एक मंच पर मुलाकात होगी।

पटना। बिहार में चल रही महागठबंधन सरकार टूटने के बाद जब से NDA गठबंधन की सरकार बनी है तब से पहली बार देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार बिहार पहुंच गए हैं। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव का ऐलान होने के बाद लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आज पटना विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना आए हैं। शताब्दी समारोह में शामिल होने के बाद वो 3,759 करोड़ रुपए की लागत वाली 8 विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। तो दूसरी तरफ पूरे देश की निगाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर टिकी हुई हैं क्योंकि लालू प्रसाद यादव से अलग होने के बाद पहली बार इन दोनों की एक मंच पर मुलाकात होगी। उल्लेखनीय है कि बिहार में एनडीए गठबंधन के बने 80 दिन हो चुके हैं और 80 दिन बीत जाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के विकास की चर्चा के साथ-साथ आगे की राजनीतिक समीकरण की भी चर्चा करेंगे। राजनीतिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित बिहार में प्रधानमंत्री की विशेष इनायत दिखती है। क्योंकि अब तक 1 साल में प्रधानमंत्री तीन बार बिहार आ चुके हैं।

मोदी और नीतीश लेकिन लालू कहां?

मोदी और नीतीश लेकिन लालू कहां?

इससे पहले 2017 की शुरुआत 5 जनवरी को गुरु गोविंद सिंह की 350वीं जयंती पर प्रधानमंत्री पटना आए थे, तब बिहार में महागठबंधन की सरकार चल रही थी और भाजपा विपक्ष की भूमिका में थी। हालांकि उस वक्त प्रधानमंत्री के बिहार दौरे को लेकर काफी चर्चा हुई और उसी वक्त से ये अफवाह होने लगी कि नीतीश मोदी के करीब जा रहे हैं। तो दूसरी तरफ बिहार में NDA गठबंधन की सरकार बनने के बाद 26 अगस्त को वो बिहार पहुंचे थे और बाढ़ पीड़ित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया था। इससे पहले विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने करीब दर्जनों से ज्यादा जनसभाएं संबोधित की थीं।

नीतीश का ज्यादा फायदा!

नीतीश का ज्यादा फायदा!

इस बार प्रधानमंत्री के दौरे से बिहार की जनता के साथ-साथ राज्य सरकार को भी काफी उम्मीद जुड़ी हुई है। केंद्र और राज्य सरकार का फोकस राज्य के विकास पर है। विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने महागठबंधन सरकार के शराबबंदी अभियान का समर्थन किया था। नरेंद्र मोदी ने भी इसी की सराहना की थी। बाल विवाह के मुद्दे को लेकर बिहार जहां जागरुक हो रहा है तो दहेज प्रथा से मुक्ति के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। वहीं बिहार में सबसे बड़ी बात ये है कि दो दलों की संयुक्त सरकार है और प्रधानमंत्री का दौरा मुख्यमंत्री को उत्साहित करने वाला साबित होता है। भाजपा के प्रधानमंत्री की जनसभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए एनडीए गठबंधन के नेताओं ने पूरी ताकत लगा दी है।

जानिए प्रधानमंत्री के साथ किसको मिलेगी मंच पर जगह?

जानिए प्रधानमंत्री के साथ किसको मिलेगी मंच पर जगह?

पटना विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में मंच पर जगह मिलने को लेकर पिछले 2 दिनों से चल रही सियासी संग्राम पर अब पूरी तरह पूर्ण विराम लग चुका है। विश्वविद्यालय अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कार्यक्रम के मंच पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रविशंकर प्रसाद, रामविलास पासवान, गिरिराज सिंह, उपेंद्र कुशवाहा, अश्विनी चौबे, आरके सिंह, रामकृपाल यादव, बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय को मिला है।

जानिए किन योजनाओं की आज रखी जाएगी बुनियाद...

जानिए किन योजनाओं की आज रखी जाएगी बुनियाद...


बिहार में आज 3,769 करोड रुपए की लागत से 8 विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। पटना विश्वविद्यालय के समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोकामा में जनसभा को संबोधित करेंगे।

NH 31 के औटां सिमरिया रोड के फोरलेन करना एवं 6 लेन गंगा सेतु का निर्माण 1161 करोड़ रुपए की लागत से आज शिलान्यास किया जाएगा।

NH 31 के बख्तियारपुर मोकामा को 44.60 किलोमीटर में फोरलेन करने का 837 करोड़ रुपए की राशि से शिलान्यास होगा।

NH 107 के महेशखुंट सहरसा पूर्णिया का पेव्ड शोल्डर समेत 88 किलोमीटर टू लेन का निर्माण का शिलान्यास आज 736 करोड़ रुपए की लागत से की जाएगी।

एनएच 83 के बरबीघा मोकामा कापड सोल्डर समेत 54 पॉइंट 57 किलोमीटर टू लेन का शिलान्यास 297 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा।

राजधानी पटना शहर के लिए 4 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और 235 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क योजना का शिलान्यास 738.04 करोड़ रुपए से की जाएगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+