Bihar Politics: 206 सीट जिताने वाली जनता ने नीतीश कुमार को 43 सीटों पर क्यों समेट दिया- प्रशांत किशोर
Bihar Politics: बिहार में लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने सियासी पकड़ मज़बूत करनी शुरू कर दी है। पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है, इसी क्रम में सीएम नीतीश कुमार अपनी पार्टी की पकड़ मज़बूत करने में जुटे हुए हैं। वहीं मशहूर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर सीएम नीतीश कुमार की नाकामियों गिनाते हुए निशाना साधने से नहीं चूक रहे हैं।
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा कि 2014-2015 के नीतीश कुमार और 2022-2023 के नीतीश कुमार में ज़मीन आसमान का फ़र्क है। यह फ़र्क हम नहीं बता रहे हैं, बिहार की जनता बता रही है। प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार की मदद करने का भी जिक्र किया।

प्रशांत किशोर ने कहा कि जिस नीतीश कुमार की मदद मैंने 2014-2015 में की थी, उस नीतीश कुमार के बारे में बिहार में सोच थी कि, 2005 के बाद इस इंसान प्रदेश को बदलने की कुछ कोशिश की है। इसलिए बिहार की जनता ने नीतीश कुमार को 206 सीट जिताया था।
आज नीतीश कुमार को उसी बिहार की जनता ने सिर्फ 43 सीट जिताया है, क्यों? क्योंकि उनका काम ख़राब हो गया है। जिस नीतीश कुमार की मदद की गई थी, वह वहीं इंसान थे जो वाजपेयी जी के प्रधानमंत्री रहते हुए रेल मंत्री थे। रेल की एक दुर्घटना हो गई गैसल (आसाम) में। नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया।
नीतीश कुमार ने रेल मंत्री के पद से इस्तीफ़ा सिर्फ इसले दे दिया था क्योंकि दौ सौ से ज्यादा लोगों की जान चली गई। इसलिए मुझे (नीतीश कुमार) पद पर रहने का अधिकार नहीं है। आज जिस नीतीश कुमार का विरोध हो रहा है, वह नीतीश कुमार वह हैं जो कोरोना में हज़ारों लोगों की मौत हो गई।
लाखों बच्चे सड़कों पर मारे-मारे फिर रहे थे, नीतीश कुमार अपने बंगले से नहीं निकले। शराब पीने से लोगों की मौत होती है तो जेब में हाथ डालकर हंसते हैं और कहते हैं कि जो पियेगा वो मरेगा। इसलिए जनता नीतीश कुमार से नाराज़ है।












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