Video: पटना की जामा मस्जिद के पास लगे अतीक अहमद अमर रहे के नारे, चढ़ा सियासा पारा
Atiq Ahmad Par Narebazi: बिहार की राजधानी पटना में, अलविदा जुमा (शुक्रवार) के दिन अतीक अहमद अमर रहे की नारे लगे

Jama Masjid Patna: बिहार की राजधानी पटना में रेलवे जंक्शन के पास अतीक के समर्थन में नारेबाजी हुई है। बताया जा रहा है कि जुमे की नमाज़ अदा करने के बाद रईस अंसारी (रईस गजनबी) नाम के शख्स ने नारेबाज़ी की है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि रईस अंसार की दुकान पटना जंक्शन के पास ही है। रईस अंसारी ने दुआ अतीक अहमद और अशरफ अहमद के लिए दुआ मांगी है कि, अल्लाह उनकी शहादत को कबूल फरमाएं।
रईस का कहना है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्लानिंग के साथ अतीक और अशरफ को मरवाया है।रोजा के दिन में अपराधियों के जरिए उन्हें मरवाया है। अतीक अहमद शहीद हुए हैं और. पूरी दुनिया की नजर में वो शहीद हैं।
आपको बता दें कि 15 अप्रैल की रात में अतीक अहमद और अशरफ अहम को मेडिकल चेक अप के लिए लाया गया था। पत्रकार चलते-चलते उनसे सवाल कर रहे थे, इसी दौरान तीन हमलावरों ने पुलिस की सुरक्षा में ही अतीक औऱ अशरफ की हत्या कर दी।
मीडियाकर्मी बनकर आए हमलावरों के हमले में दोनो भाई की मौके पर ही मौत हो गई। अरुण मौर्य, लवलेश तिवारी और सनी नाम के युवक ने इन पर हमला किया था। हत्या के बाद तीनों बदमाशों ने सरेंडर भी कर दिया।
लवलेश बांदा का रहने वाला है, अरुण कासगंज का निवासी है और सनी हमीरपुर का रहने वाला है। पुलिस ने उनसे हथियार भी बरामद किए गए हैं। हमला के दौरान कॉन्स्टेबल मानसिंह भी गोली लगने से ज़ख्मी हुए थे। तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। अतीक का बेटा अली भी उसी जेल में बंद है।
अतीक और अशरफ के शवों का पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद कसारी-मसारी कब्रिस्तान में इस्लामिक रीति-रिवाज दोनों को दफनाया दिया गया। अतीक के बेटे असद की कब्र के पास ही दोनों की कब्रें खोदी घी थी। जनाज़े में अतीक के बहनोई और रिश्तेदार शामिल हुए थे।
अतीक के दोनों छोटे बेटों को बाल सुधार गृह से लाकर जनाज़े में शरीक कराया गया था। वहीं अशरफ की दोनों बेटियां भी कब्रिस्तान में मौजूद थीं। कुछ चुनिंदा रिश्तेदारों को ही कब्रिस्तान में जाने दिया गया।
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इसके अलावा सभी लोगों को कब्रिस्तान से 300 मीटर की दूरी पर ही रोक दिया गया। मीडियाकर्मियों को कब्रिस्तान के बाहर तक जाने दिया गया। हालांकि उनके नाम और मोबाइल नंबर भी नोट किए गए। इस दौरान पूरे शहर में पुलिस फोर्स तैनात थी।

अतीक अहमद की हत्या के बाद जाप अध्यक्ष पप्पू यादव ने सीएम योगी पर निशाना साधते हुए यूपी में जंगलराज बताया था। वहीं तेजस्वी यादव ने भी यूपी के कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। अब शुक्रवार को अतीक अहमद के समर्थन में नारेबाज़ी पर सियासी बयानबाज़ी शुरू हो गई है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि माफियाओं की हत्या पर बिहार में अमर रहे और शहीद का नारा लग रहा है। क्या यह सही है। बुरा का अंत बुरा ही होता है। अतीक अहमद के कारनामें जग जाहिर हैं, वह एक माफिया था, उसे शहीद कहना शहीदों का अपमान है।
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