डॉक्टर ने जिसे बताया मृत, पोस्टमॉर्टम के लिए लिटाते ही चलने लगीं उसकी सांसें
पटना। राजधानी पटना के निजी नर्सिंग होम की करतूत सामने आई है, जिसमें जिंदा युवक को मृत बताते हुए पोस्टमार्टम करने के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया। लेकिन जब तक उसका पोस्टमार्टम करने के लिए टेबल पर रखा तो उसकी सांसे चल रही थी, जिसके बाद आनन-फानन में उसे पीएमसीएच के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया जहां उसका इलाज चल रहा है। दरअसल, राजधानी पटना के परसा में एक डांस प्रोग्राम के दौरान हुई गोलीबारी में एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। तो दूसरे को घायल अवस्था में इलाज के लिए कंकरबाग के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जब उसके परिजनों ने मृत होने की बात सुनी तो नम आंखों से उसे पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच ले गए जहां उसकी सांसे चल रही थीं।

मिली जानकारी के अनुसार परसा बजार में एक बच्चे का जन्मदिन मनाया जा रहा था, जहां नाच गाने के दौरान बच्चे के पिता ने बंदूक से गोली फायर करना शुरु कर दिया। बंदूक से निकली गोली वहां उपस्थित गांव के मुन्ना राम के बेटे अविनाश कुमार की गर्दन को छेदते हुए बगल में बैठे गनौरी चौधरी के बेटे मनोज कुमार चौधरी के सिर में जा लगी। जिससे अविनाश कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई तो मनोज को इलाज के लिए राजधानी पटना के कंकड़बाग स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। वहीं घटना को अंजाम देने के बाद गोली चलाने वाला शख्स फरार हो गया। जहां इलाज के दौरान मनोज को मृत घोषित करते हुए निजी नर्सिंग होम के डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया। 4 घंटे बाद जब मनोज के शव को पोस्टमार्टम करने के लिए ले जाया गया और जैसे ही उसे पोस्टमार्टम रूम में टेबल पर रखा गया उसकी सांसे चल रही थी। जिसके बाद आनन-फानन में डॉक्टरों ने पीएमसीएच के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां वह कोमा में इलाज चल रहा है। जब इस बात की जानकारी उसके परिजन को हुई तो उन्होंने निजी नर्सिंग होम के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। लेकिन ये अच्छा हुआ कि उनका मातम खुशी में बदल गया।
हालांकि मनोज की हालत पीएमसीएच के आईसीयू में चिंताजनक और स्थिर बनी हुई है। कोमा में पड़े मनोज की जिंदगी के लिए चिकित्सक जुटे हैं, वहीं परिजन दुआएं कर रहे हैं। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया तथा घायल मनोज को इलाज के लिए निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया लेकिन वहां डाक्टरों की घोर लापरवाही सामने आई है फिलहाल मामले की जांच पड़ताल की जा रही है और जांच के बाद इसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में सुबोध पासवान के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है उसी नें निजी बंदूक से गोली फायर की थी जिससे यह घटना घटी












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