बिहारः गंगा नदी में लाश मिलने के मामले पर पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार से मांगा जवाब
पटना। बिहार के बक्सर जिले में गंगा किनारे लाश मिलने पर नीतीश सरकार को पटना हाईकोर्ट ने फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने गंगा नदीं में पाए गए शवों के मामले पर नीतीश सरकार से गुरुवार तक जवाब देने को कहा है। बता दें कि पटना हाईकोर्ट में राज्य में कोरोना महामारी के मामले पर सुनवाई लगातार जारी है। इसी सिलसिले में न्यायाधीश संजय करोल की खंडपीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए बक्सर के पास गंगा नदी में पाए गए शवों के मामले में नीतीश सरकार को तलब किया है। वहीं राज्य सरकार ने कोर्ट को सूचित किया कि उसने एक 12 सदस्यीय एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी प्रदेश में कोविड मैनेजमेंट के लिए राज्य सरकार को खास राय और सलाह देगी।
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बता दें कि बक्सर जिले में गंगा नदी किनारे लाश मिलने से हड़ंकप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि अधिकांश लोगों के शव कोविड संक्रमितों के हैं। बिहार के बक्सर जिले में 73 शव निकाले जा चुके हैं। बिहार सरकार ने बीते मंगलवार को बताया कि बक्सर जिले में गंगा नदी से अभी तक 71 लाशें निकाली जा चुकी हैं, जिनके कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के शव होने की आशंका जताते हुए संभावना जताई जा रही है कि संभवतः अंतिम संस्कार नहीं करके उन्हें गंगा नदी में प्रवाहित कर दिया गया होगा।
वहीं प्रदेश के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने मंगलवार को ट्वीट में बक्सर जिले में चैसा गांव के पास इन शवों के गंगा नदी में मिलने की चर्चा करते हुए कहा कि 4 से 5 दिन पुराने क्षत-विक्षत ये शव पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से बहकर आए हैं।
लालू प्रसाद यादव ने साधा निशाना
वहीं गंगा नदी में मिल रही लाशों और उनको दफनाने के मुद्दें को लेकर अब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए हिंदुत्व के मुद्दे को भी हवा देने की कोशिश की है। लालू प्रसाद यादव ने अलग-अलग अखबारों की क्लिपिंग को शेयर करते हुए लिखा कि 'जीते जी दवा, ऑक्सीजन, बेड और ईलाज नहीं दिया. मरने के बाद लकड़ी, दो गज कफ़न और जमीन भी नसीब नहीं हुआ. दुर्गति के लिए शवों को गंगा में फेंक दिया. कुत्ते लाशों को नोच रहे हैं. हिंदुओं को दफनाया जा रहा है. कहांं ले जा रहे हैं देश और इंसानियत को?'।












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