Bihar Politics: 'चुनावी साल है, बिहार में नया समीकरण देखने को मिलेगा', पशुपति पारस के बयान से NDA की उड़ी नींद
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में इस चुनावी सीज़न में नए समीकरणों की संभावना जताई जा रही है। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री, पशुपति पारस के बयान ने एनडीए खेमे में हलचल मचा दी है। पारस ने बिहार की राजनीतिक परिस्थितियों में आने वाले बदलाव की ओर इशारा किया है।
पशुपति पारस ने मकर संक्रांति के अवसर पर एक दही-चूड़ा कार्यक्रम की मेजबानी की, जहां उन्होंने विभिन्न दलों के नेताओं को बुलाया। इस कार्यक्रम में आरजेडी, कांग्रेस, भाजपा, कम्युनिस्ट और कई अन्य छोटे दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

पशुपति पारस ने इस अवसर पर कहा कि, "मैंने सभी दल के लोगों को निमंत्रण दिया है। सुबह से ही लोग आ रहे हैं। मंगलवार देर शाम मैं आरजेडी प्रमुख लालू यादव के घर गया था। पूरे परिवार के लोगों से मेरी मुलाकात हुई। सभी को मैंने निमंत्रण दिया। इसके अलावा, पशुपति पारस ने एनडीए के साथ अपनी पार्टी के संबंधों पर भी प्रकाश डाला।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, "राजनीति में कुछ भी कहना मुश्किल है। सभी को मैं समय का इंतजार करने के लिए कहता हूं। मैं पहले एनडीए में था, लेकिन एनडीए के लोगों ने मेरे साथ नाइंसाफी की। पूरे भारत के लोगों को पता है कि हमारा कहीं भी दोष नहीं था। इसके बावजूद एनडीए ने हमारे पांच सांसदों को टिकट नहीं दिया और उन्हें वंचित किया।
मैं राष्ट्रहित में एनडीए के साथ रहा। लोकसभा चुनाव में पूरी ईमानदारी से एनडीए का साथ दिया। लेकिन अब बिहार में स्थिति थोड़ी अलग है। एनडीए उनकी पार्टी को अपने घटकों में शामिल नहीं कर रहा है। बिहार में पांच ही राजनीतिक दल हैं, छठे दल में हमारी गिनती नहीं हो रही है।
भविष्य का इंतजार करना चाहिए। चुनावी साल है, जिसके कारण बिहार में नया समीकरण देखने को मिलेगा, लेकिन क्या समीकरण होगा, ये किसी को नहीं पता। बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में आने वाले समय में बदलाव की संभावना के साथ, यह देखना दिलचस्प होगा कि विभिन्न दलों के बीच गठबंधन किस तरह से आकार लेते हैं और राजनीतिक समीकरण कैसे बदलते हैं।












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