बिहार: पप्पू यादव को ले जा रही पुलिस टीम पर हमला, रिहाई की मांग को लेकर हाईवे पर जमकर बवाल
पटना, 11 मई: दो दिन पहले जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद पप्पू यादव ने राजीव प्रताप रुडी के घर पर कई एंबुलेंस के फालतू खड़े होने का खुलासा किया था। इसके बाद से उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को पुलिस की एक टीम ने पटना से पप्पू यादव को गिरफ्तार किया। फिर शाम को कागजी कार्रवाई पूरी कर टीम उन्हें मधेपुरा की ओर लेकर निकली, जहां रास्ते में उनके समर्थकों ने जमकर बवाल किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी पप्पू यादव की रिहाई की मांग करते रहे।

जानकारी के मुताबिक नेशनल हाईवे पर पप्पू यादव के समर्थकों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। साथ ही हाजीपुर में हाईवे पर बैरिकेटिंग लगा कर काफिले को रोकने की कोशिश की। इस दौरान कई समर्थक गाड़ियों के आगे लेट गए, तो कई ऊपर चढ़ गए। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिसकर्मियों ने समर्थकों को काबू में किया और टीम की गाड़ियों को वहां से निकलवाया। इसके अलावा भी कई जगहों पर प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं। हालांकि पुलिस को इस तरह की घटना का अंदाजा पहले से ही था, जिस वजह से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
क्या है पप्पू यादव पर आरोप?
दरअसल बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रुडी के घर पर कई एंबुलेंस खड़े-खड़े धूल फांक रही थी, जबकि कोरोना महामारी की वजह से उसी इलाके में लोग शवों को ठेले पर ढो रहे थे। इसके बाद पप्पू यादव वहां पर कैमरा लेकर पहुंचे और सांसद की पोल खोल दी। जिस पर सारण के अमनौर में उनके खिलाफ लॉकडाउन उल्लंघन का केस दर्ज किया गया है।
दो सत्ताधारियों ने किया विरोध
वहीं पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर नीतीश सरकार के दो सहयोगी दलों ने विरोध किया है। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने ट्वीट कर लिखा कि कोई जनप्रतिनिधि अगर दिन-रात जनता की सेवा करे और उसके एवज में उसे गिरफ्तार किया जाए। ऐसी घटना मानवता के लिए खतरनाक है। वहीं मुकेश सहनी ने कहा कि जनता की सेवा ही धर्म होना चाहिए। सरकार को जनप्रतिनिधि, सामाजिक संस्था एवं कार्यकर्ता को आमजन के मदद के लिए प्रेरित करना चाहिए।












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