'पटना में हॉस्टल की लड़कियां नेताओं को परोसी जाती हैं', Pappu Yadav ने किया चौंकाने वाला दावा
Pappu Yadav controversial statement: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव बीते तीन दिनों से लगातार अपने विवादस्पद बयानों के कारण चर्चा में हैं। नारी वंदन बिल पर बोलते हए महिला राजनेताओं पर आपत्तिजनक बयान देने पर चुनाव आयोग की नोटिस के बावजूद पप्पू यादव के तेवर बदले नहीं हैं। 22 अप्रैल (बुधवार) को पप्पू यादव ने ऐसा सनसनीखेज आरोप लगाया हैं जिसने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है।
'पटना में हॉस्टल में की लड़कियां नेताओं को परोसी जाती हैं'
पप्पू यादव ने गुरुवार को दावा किया कि पटना के हॉस्टलों में रहने वाली छात्राओं को "नेताओं को परोसा जाता है"। राजनेताओं को लेकर किए गए इस दावे पर बिहार के नेता आगबबूला हो गए हैं। पप्पू यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

पप्पू यादव ने दावा किया कि राजनीति में प्रवेश करने वाली महिलाओं को कई तरह के दबावों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक दलों के नेता महिलाओं का गलत इरादों से शोषण करते हैं। उनके अनुसार, एक अख़बार के स्टिंग ऑपरेशन में भी इस तरह के खुलासे सामने आ चुके हैं।
'....महिलाओं पर गलत नजर रहती है'
सांसद पप्पू यादव ने इस समस्या को केवल राजनीति तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों, कॉर्पोरेट जगत और पुलिस व्यवस्था में भी महिलाओं के साथ इसी तरह का व्यवहार देखने को मिलता है। उनके मुताबिक, कई जगहों पर महिलाओं को गलत दृष्टि से देखा जाता है। उन्होंने कहा "शिक्षकों की नजर छात्राओं पर, कॉर्पोरेट में लड़कियों पर और पुलिस में भी महिलाओं पर गलत नजर रहती है।"
"नेताओं के बेड से शुरू होता है महिलाओं का राजनीतिक करियर"
गौरतलब है कि दो दिन पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पप्पू यादव ने महिला आरक्षण पर सवाल उठाते हुए कहा था "90% महिलाओं का राजनीतिक करियर नेताओं के बिस्तरों से शुरू होता है। महिलाएं किसी प्रभावशाली नेता के रूम में गए बिना राजनीति नहीं कर सकतीं। हर दिन नेताओं के सीसीटीवी फुटेज आते हैं। औरत को नोचने की एक संस्कृति बन गई है। स्कूल, कॉलेज से लेकर ऑफिस तक हर जगह बेटियों का शोषण हो रहा है।"
"80 प्रतिशत राजनेता पॉर्न देखते हैं"
चौंकाने वाली बात यह है इस बयान पर महिला आयोग के नोटिस के बाद भी पप्पू यादव ने आपत्तिजनक दावा कर दिया। उन्होंने कहा, " मैंने सदन में भी कहा था 70-80 प्रतिशत राजनेता पॉर्न देखते हैं और उनकी जांच होनी चाहिए। अगर मेरे फोन में पॉर्न है, तो मेरी भी जांच करें। उन्होंने कहा अपराधों के पीछे राजनीतिक सोच और संरचना भी जिम्मेदार है।
नोटिस पर बोले- मैं इस मुद्दें पर बोलना बंद नहीं करूंगा
उनके इन बयानों को कई लोगों ने आपत्तिजनक और महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया। इस विवाद के बाद बिहार राज्य महिला आयोग ने उन्हें नोटिस भी जारी किया। आलोचनाओं के जवाब में यादव ने कहा कि जिन लोगों पर खुद विवादित आरोप हैं, वही उन्हें नोटिस भेज रहे हैं। उन्होंने ऐसे नोटिसों को 'रद्दी की टोकरी में फेंक देने' की बात कही और स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे पर बोलना बंद नहीं करेंगे। उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया।












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