Bihar Politics: नीतीश कुमार बिहार के 'राजनीतिक आलू' हैं, उनके बिना 'सियासी सब्ज़ी' नहीं बन सकती है- पीके
Bihar Politics: बिहार में लोकसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरण बदले हुए नज़र आ रहे हैं। जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से ललन सिंह के इस्तीफ़ा देने के बाद सीएम नीतीश कुमार ने खुद पार्टी की कमान संभाल ली है। जदयू अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी अब खुद सीएम नीतीश कुमार उठाएंगे।
जदयू में हुए उलट फेर के बाद प्रदेश में सियासी पारा चढ़ गया है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ललन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि, उनको पद से हटाने की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी। वह 12 विधायकों को साथ लेकर लालू यादव के एजेंट के तौर पर काम रह थे।

ललन सिंह को वक्त से पहले हटा देना सही था, नहीं तो वह जदयू का राजद में विलय करवा के ही मानते। जदयू में तो अभी खेल शुरू ही हुआ है। अंत तक में जदयू का टूटना तय है। ललन सिंह खामोश रहने वालों में से नहीं है, जदयू को उनसे सतर्क रहने की ज़रूरत है।
इसी क्रम में प्रशांत किशोर ने भी सीएम नीतीश कुमार पर तंज़ कसा है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार की सियासत के आलू हैं, उनके बिना प्रदेश में राजनीतिक सब्ज़ी नही बन सकती है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का स्ट्रेंथ यही है कि वह बिहार की सियासत के आलू हैं।
आप बिना उनके बिहार में सियासी सब्ज़ी नहीं बना सकते हैं। बिहार में लोग वोट किसी पार्टी (कांग्रेस, भाजपा, जदयू , राजद) को भी करें। आखिर में सीएम नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते आए हैं। वोट किसी भी पार्टी को जाए नीतीश कुमार हंसते हुए कहते हैं कि, इंतज़ार कीजिए मैं ही फिर से कुर्सी पर बैठने वाला हूं। यही उनकी ताक़त है।












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