दिल्ली पहुंच रहे हैं नीतीश कुमार,तो JDU में क्यों हो रही है हलचल ?
पटना, 21 जून: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को दिल्ली पहुंच सकते हैं। हालांकि, जदयू उनकी इस यात्रा को निजी बताने पर जोर दे रही है, लेकिन उसी पार्टी से कुछ ऐसे संकेत भी मिल रहे हैं, जिसके चलते सीएम की इस यात्रा को उससे कहीं ज्यादा माना जा रहा है। दरअसल, हाल के कुछ समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें काफी तेज हैं। जानकारी के मुताबिक यूपी विधानसभा समेत आने वाले 5 राज्यों के चुनावों से पहले बीजेपी सरकार मंत्रिमंडल का विस्तार करना चाहती है। इसकी एक वजह ये भी है कि मंत्रियों के कई पद खाली हैं और जिसकी जिम्मेदारी दूसरे मंत्री संभाल रहे हैं। जेडीयू इस वक्त बीजेपी की सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी है, इसलिए अब लगभग यह तय माना जा रहा है कि अगर पीएम मोदी ने कुछ और चेहरों को अपनी सरकार में मौका देने का फैसला किया तो उसमें नीतीश के नुमाइंदों को भी जगह मिलनी तय है।

मोदी कैबिनेट में शामिल होने को लेकर क्या बोली जेडीयू
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली जाने की खबरों को लेकर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। इसको हवा खुद जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह के सोमवार को दिए गए बयान से मिल रही है। उन्होंने कहा है कि मोदी कैबिनेट के संभावित विस्तार में उनकी पार्टी शामिल होने को तैयार है। जाहिर की नीतीश ऐसे समय में दिल्ली जा रहे हैं, जब केंद्रीय कैबिनेट के विस्तार की कयासबाजी काफी तेज है। माना जा रहा है कि यह इसी महीने के अंत तक हो सकता है। आरसीपी सिंह ने यह कहा है कि बिहार में उनकी पार्टी भाजपा की साझेदार है, इसलिए अगर केंद्र में भागीदारी मिलती है तो ये अच्छा रहेगा। बता दें कि 2019 में दूसरी बार मोदी सरकार में जदयू इसलिए शामिल नहीं हुई थी कि तब उसे उसकी इच्छा के मुताबिक मंत्री पद मिलने की गुंजाइश नहीं थी और बीजेपी सिर्फ एक ही मंत्री पद देने को राजी हो रही थी। वैसे आरसीपी सिंह से जब जेडीयू के संभावित मंत्रियों के बारे में सवाल किया गया तो वह यह कहकर टाल गए कि इसपर फैसला खुद नीतीश कुमार करेंगे।

निजी दौरे पर दिल्ली जा रहे हैं नीतीश-जेडीयू
वैसे जदयू सांसद ललन सिंह ने नीतीश के दिल्ली दौरे को पूरी तरह से निजी बताया है और उसका केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार से किसी तरह का कोई संबंध नहीं होने का दावा किया है। ललन सिंह ने कहा है, 'ये सब अटकलें हैं। बिहार के मुख्यमंत्री आंख का इलाज कराने के लिए दिल्ली जा रहे हैं। जहां तक (केंद्रीय) कैबिनेट के विस्तार की बात है तो यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है। इसे सीएम के दिल्ली दौरे से जोड़ना सही नहीं है।' हालांकि, जेडीयू की ओर से इसे पूरी तरह से निजी दौरा बताया जा रहा है, लेकिन ऐसी खबरें हैं कि दिल्ली प्रवास के दौरान नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात कर सकते हैं।

जेडीयू की अब दिल्ली की सत्ता में साझेदारी की तैयारी?
बता दें कि जेडीयू के लोकसभा में 16 और राज्यसभा में 5 सांसद हैं। लेकिन, भाजपा की सबसे बड़ी सहयोगी होते हुए भी उसका केंद्रीय कैबिनेट में कोई नुमाइंदा नहीं है। कैबिनेट के संभावित विस्तार में इसके शामिल होने के आसार इसलिए बढ़े हैं, क्योंकि अब शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल सरकार से बाहर हो चुकी हैं। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का भी निधन हो चुका है। यही वजह है कि जदयू अब एक से ज्यादा मंत्री पद पर उम्मीद लगाए बैठी है। ऊपर से उसपर पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस को मंत्री बनाने का वादा करके उनकी पार्टी एलजेपी को तोड़ने के आरोप भी लग रहे हैं। क्योंकि, गुरुवार को ही पारस ने कहा था कि 'जब मैं केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ लूंगा, मैं संसदीय दल के नेता से इस्तीफा दे दूंगा।' (पहली और आखिरी तस्वीर-फाइल)












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