नीतीश ने सरकार बनाने का दावा क्यों टाला? BJP–JDU में सिर्फ एक कुर्सी पर इतनी गर्मी कि अटक गया पूरा खेल!
Nitish Kumar Govt Formation: बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की ऐतिहासिक जीत के बाद माना जा रहा था कि नीतीश कुमार तुरंत दावा पेश कर देंगे। लेकिन सोमवार (17 नवंबर) को वे सिर्फ राज्यपाल से मिलने पहुंचे। उन्होंने 19 नवंबर को विधानसभा भंग होने की जानकारी दी और NDA की जीत पर बधाई भी ली, लेकिन सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया। अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर नीतीश ने ऐसा क्यों किया?
भाजपा और जेडीयू में विधानसभा स्पीकर को लेकर मामला फंसता नजर आ रहा है। इस बार जेडीयू भी विधानसभा स्पीकर का पद चाहती है। जबकि BJP इसे अपने खाते में रखना चाहती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक स्पीकर बीजेपी कोटे से हो सकता है। भाजपा की ओर से विजय सिन्हा का नाम स्पीकर पद के लिए आगे चल रहा है। वहीं जेडीयू की ओर से बिजेन्द्र प्रसाद यादव का नाम आगे चल रहा है। हालांकि श्रवण कुमार का भी नाम आगे चल रहा है।

स्पीकर पर सहमति न बनने की वजह से सरकार गठन की प्रक्रिया फिलहाल थोड़ी धीमी हो गई है। और यही वजह है कि नीतीश कुमार ने दावा पेश करने से फिलहाल दूरी बनाए रखी है।
स्पीकर की कुर्सी पर BJP-JDU आमने-सामने
इस बार JDU भी स्पीकर की कुर्सी चाहती है, जबकि BJP इसे अपने खाते में रखना चाहती है। सूत्रों के अनुसार के मुताबिक BJP की तरफ से विजय सिन्हा का नाम सबसे आगे है। JDU की तरफ से विजेंद्र प्रसाद यादव का दावा मजबूत। वहीं JDU से श्रवण कुमार का नाम भी चर्चा में है।
स्पीकर पर सहमति न बनने की वजह से सरकार गठन की प्रक्रिया फिलहाल थोड़ी धीमी हो गई है। और यही वजह है कि नीतीश कुमार ने दावा पेश करने से फिलहाल दूरी बनाए रखी है।
बिहार कैबिनेट फार्मूला तैयार
सूत्र बताते हैं कि NDA गठबंधन में मंत्रिमंडल का फार्मूला लगभग तय हो चुका है।
- JDU - 13 मंत्री
- BJP - 13 मंत्री
- LJP (R) - 3 मंत्री
- HAM - 1 मंत्री
- RLM - 1 मंत्री
कुल 36 मंत्री बन सकते हैं, लेकिन नई सरकार में लगभग 5 पद खाली रखने की योजना है ताकि आगे जरूरत पड़ने पर समायोजन किया जा सके। यहां तक कि भाजपा के दो डिप्टी सीएम बनने की भी चर्चा है। यानी संयोजन साफ है, पर फिर भी सरकार बनाने का दावा अटका हुआ है।
नई सरकार में कौन होगा डिप्टी सीएम? तीन नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा
NDA में सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि नई सरकार में उप-मुख्यमंत्री कितने होंगे, दो या तीन।
1. BJP के दो डिप्टी सीएम - पुराना फॉर्मूला जारी?
पिछली सरकार की तरह BJP दो उप-मुख्यमंत्री बनाए रख सकती है।
लेकिन यह साफ नहीं है कि सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ही बने रहेंगे या नए चेहरे आएंगे।
अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान दोनों को "बड़ा आदमी" बनाने का वादा किया था, इसलिए उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
2. राजपूत नेता को डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा
- इस चुनाव में NDA से 70 सवर्ण विधायक जीते हैं, जिसमें
- 32 राजपूत
- 22 भूमिहार
- 2 कायस्थ
राजपूत समाज सबसे बड़ी संख्या में चुनकर आया है। ऐसे में एक डिप्टी सीएम का पद राजपूत को मिलने की संभावना सबसे मजबूत बताई जा रही है।
क्या चिराग को मिलेगा डिप्टी सीएम का मौका?
अगर NDA तीन डिप्टी सीएम बनाने का फैसला करता है, तभी लोजपा (रामविलास) से किसी को डिप्टी सीएम बनाने की गुंजाइश बनेगी। लोजपा-आर के 19 विधायकों में 5 राजपूत हैं, जबकि दलित वोट एनडीए के पूरे समीकरण में प्रमुख भूमिका निभा रहा है। NDA गठबंधन में दलित विधायक JDU से 14, BJP से 12, LJP(R) से 5 और HAM से 4 हैं।
इस वजह से NDए में "दलित डिप्टी सीएम" की चर्चा भी काफी तेज है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि चिराग को मौका मिलेगा या किसी और दलित चेहरे को।
इस बार NDA को लगभग हर इलाके शाहाबाद, सीमांचल, मिथिला, कोसी, चंपारण, तिरहुत, अंग, मगध में भारी समर्थन मिला है। माना जा रहा है कि इस बार डिप्टी सीएम भी उन्हीं क्षेत्रों से चुने जा सकते हैं जिन्हें पिछली सरकारों में प्रमुखता नहीं मिल पाई थी।












Click it and Unblock the Notifications