Nalanda Lok Sabha: मोदी लहर में भी BJP नहीं दर्ज कर पाई जीत, जानिए सियासी इतिहास और समीकरण
Lok sabha Election 2024, Nalanda Seat: बिहार में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। राजनीतिक पार्टियां प्रदेश की सभी 40 लोकसभा सीटों सियासी मंथन शुरू कर चुकी हैं। वहीं लोकसभा सीटों के इतिहास और समीकरण पर भी चर्चा तेज़ है। इसी क्रम में आज हम आपको बिहार की हॉट लोकसभा सीटों में शुमार की जाने वाली नालंदा सीट के समीकरण और इतिहास बताने जा रहे हैं।
नालंदा विश्वविद्यालय की वजह से दुनियाभर में नालंदा की अलग पहचान है। कई ऐतिहासिक धरोहरों के रहस्यों के बीच, यहां का सियासी समीकरण भी रहस्यों को समेटे हुआ है। बिहार की सियासत के दिग्गज नेताओं में से एक नीतीश कुमार का यह गृह ज़िला है।

नालंदा लोकसभा सीट पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पकड़ का इससे भी अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि, 2014 के लोकसभा चुनाव में जब पूरे देश मोदी की लहर चल रही थी। उस दौरान भी भाजपा इस सीट पर क़ब्ज़ा इस सीट क़ब्ज़ा नहीं कर पाई थी। यह नीतीश कुमार के साथ-साथ MY समीकरण का भी प्रभाव देखने को मिलता है।
जदयू की टिकट पर कौशलेंद्र कुमार इस सीट पर जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं। ग़ौरतलब है कि इस सीट पर 1952 से 1971 तक कांग्रेस का क़ब्ज़ा रहा। 1996 में जॉर्ज फर्नांडिस (समता पार्टी) ने जीत दर्ज की, वहीं 1998 और 1999 में भी जॉर्ज फर्नांडिस का क़ब्ज़ा रहा।
जदयू की टिकट पर नीतीश कुमार ने 2004 में इस सीट पर क़ब्ज़ा जमाया इसके बाद से ही यहां पर आज की तारीख तक जदयू प्रत्याशी जीत दर करते रहे हैं। नांलदा लोकसभा सीट पर वामपंथियों का भी वर्चस्व देखने को मिला है। आंकड़ों की बात की जाए तो 3 बार CPI प्रत्याशी इस सीट पर पार्टी का परचम बुलंद कर चुके हैं। वहीं 5 बार उपविजेता की भूमिका में रहे हैं।
नालंदा लोकसभा सीट पर जातीय समीकरण की बात की जाए तो यहां 21 लाख से ज्यादा वोटर हैं। जिसमें पहले नंबर पर कुर्मी वोटर (4 लाख 50 हज़ार के करीब) हैं, जो कि जदयू को कोर वोटर के तौर पर देखे जाते हैं। वहीं दूसरे नंबर यादव (3 लाख 35 हज़ार) जो कि राजद के कोर वोटर माने जाते हैं। वहीं मुस्लिम मतदाताओं की तादाद 2 लाख के करीब है, जो कि राजद और कांग्रेस के वोटर थे, बाद में जदयू ने इसमें सेंधमारी की।
इस लोकसभा सीट पर 1 लाख 85 हज़ार के करीब बनिया मतदाता हैं जो कि भाजा के कोर वोटर के तौर पर जाने जाते हैं। वहीं पासवान मतदाताओं की तादा 1 लाख 35 हज़ार के करीब है, जो कि लोजपा के कोर वोटर हैं। कुशावाह वोटर्स की तादाद 1 लाख से ज्यादा है, जो कु साइलेंट वोटर के तौर पर देखे जाते हैं। इसके अलावा अन्य जातियों के वोटबैंक प्रत्याशी और पार्टी की लोकप्रियता के हिसाब से बंटते रहते हैं।
नालंदा के सांसदों की सूची
1952: कैलाशपति सिन्हा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1957: कैलाशपति सिन्हा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1962: सिद्धेश्वर प्रसाद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1967: सिद्धेश्वर प्रसाद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1971: सिद्धेश्वर प्रसाद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1977: बीरेंद्र प्रसाद, भारतीय लोक दल
1980: विजय कुमार यादव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
1984: विजय कुमार यादव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
1989: रामस्वरूप प्रसाद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1991: विजय कुमार यादव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
1996: जॉर्ज फ़र्नान्डिस, समता पार्टी
1998: जॉर्ज फ़र्नान्डिस, समता पार्टी
1999: जॉर्ज फ़र्नान्डिस, जनता दल (यूनाइटेड)
2004: नीतीश कुमार, जनता दल (यूनाइटेड)
2006: रामस्वरूप प्रसाद, जनता दल (यूनाइटेड) (पोल के ज़रिए)
2009: कौशलेंद्र कुमार, जनता दल (यूनाइटेड)
2014: कौशलेंद्र कुमार, जनता दल (यूनाइटेड)
2019: कौशलेंद्र कुमार, जनता दल (यूनाइटेड)












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