Muzaffarpur: 'OMG! अजब-ग़ज़ब', दो दांत के साथ नवजात ने लिया जन्म, डॉक्टर ने बताया आख़िर क्यों होता है ऐसा?
OMG!: मुजफ्फरपुर ज़िला के RDJM मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल दो दांत के साथ नवजात के जन्म लेना का अनोखा मामला सामने आया है। गुरुवार को मुजफ्फरपुर के कर्जा (रेवा रोड) की निवासी प्रियंका ने एक बच्चे को जन्म दिया तो वहां मौजूद सभी लगो हैरान रह गए। अक्सर यह देखा गया है कि जन्म के बाद बच्चे को 5 से 6 महीने में दांत निकलता है।
दो दांत के साथ नवजात के जन्म से लोग चौंक गए, RDJM मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डॉ. कुमार गौरव (शिशु रोग विशेषज्ञ) ने बताया कि नवजात बिल्कुल स्वस्थ्य है। बच्चे की मां प्रेग्नेंसी के 9 महीने से तकरीबन दो सप्ताह ज़्यादा थी। इस वजह से जन्म से पहले बच्चे की धड़कनें नहीं मिल पा रही थी।

इमरजेंसी में ऑपरेशन के ज़रिए बच्चे का जन्म कराना पड़ा, जन्म के बाद ही नवजात के दो दांत दिखे जो कि 100 में एक दो ही बच्चे को होता है। डॉ. कुमार गौरव ने कहा मां औऱ बच्चे दोनो ठीक हैं। दांत के साथ जन्म लेने के बाद भी नवजात पूरी तरह से स्वस्थ है।
वन इंडिया हिंदी से शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभात कुमार ने खास बातचीत में बताया कि दांत के साथ नवजात के जन्म किस वजह से होता है? गर्भावस्था के दौरान महिला के ज़्यादा कैल्सियम का सेवन करने से ऐसे मामले सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि 0.5% ही चांस होता है कि दांत के साथ नवजात का जन्म हो।
डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि सोतोस सिंड्रोम, पियरे रॉबिन सिंड्रोम, हॉलरमैन-स्ट्रेफ सिंड्रोम और एलिस-वैन क्रेवेल्ड सिंड्रोम आदि की वजह से दांत के साथ नवजात का जन्म होता है। ज्यादातर यह दांत ढीले होते हैं, जो कि पूरी तरह से विकसित दांतों की तरह जड़ों से जुड़े होते हैं।
इस तरह के मामले में तीन प्रकार के दांत होते हैं, (1) ढीले दांत जिनके जड़ नहीं होते (2) कुछ दांत मसूड़ों के ठीक ऊपर दिखते हैं (3) कुछ दांत जो मसूड़ों से बाहर नहीं आए लेकिन निकलने की कगार पर है। किसी नवजात का दांत के साथ जन्म हो तो उनके मां-पिता को बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।












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