बिहार: 3 बच्चों की मां से युवक ने रचाई शादी, पंचायत ने सुना दिया तालिबानी फरमान
पंचों ने फ़रमान जारी करते युवको को गांव छोड़ने फ़ैसला भी सुना दिया। इतनी ही नहीं फ़ैसले पर अमल नहीं किया तो अंजाम भुगतने की भी धमकी दे दी गई।
मुजफ्फरपुर, 22 जुलाई 2022। बिहार में प्रेम विवाह का तो मानों एक चलन ही चल गया, प्रदेश के विभन ज़िलों से प्रेम विवाह की खबरें देखने को मिल रही हैं। इसके साथ ही प्रेम विवाह के विरोध की भी खबरें सामने आ रही हैं। ताज़ा मामला मुजफ्फरपुर जिले के देवरिया थाना क्षेत्र के एक गांव का बताया दा रहा है। जहां एक युवक ने तीन बच्चों की मां (विधवा) से शादी कर ली है। विवाह करने की बात गांव के कुछ लोगों को पसंद नहीं आई जिसके बाद उन्होंने मामले में पंचायत बैठा दी। ग़ौरतलब है कि पंचायत ने भी युवक को शादी तालिबानी सज़ा सुना दी।

पंचों ने जारी किया गांव छोड़ने का फरमान
पंचों ने फ़रमान जारी करते युवको को गांव छोड़ने फ़ैसला भी सुना दिया। इतनी ही नहीं फ़ैसले पर अमल नहीं किया तो अंजाम भुगतने की भी धमकी दे दी गई। अब विवाहित जोड़ा न्याय की उम्मीद में ज़िला प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि महिला के तीन बच्चे हैं और उनके पति की पिछले साल मौत हो गई थी। पति के निधन के बाद महिला अपने बच्चे और सास-ससुर के साथ ससुराल के दरवाज़े पर ही आंगनबाड़ी केंद्र संचालित करने लगी। काम का बोझ बढ़ने पर उसने एक अविवाहित युवक से मदद लेनी शुरू कर दी।

केसरिया मंदिर में दोनों ने रचाई शादी
आंगनबाड़ी केंद्र में काम में बाथ बंटाते-बंटाते विधवा महिला की युवक के साथ नज़दीकियां बढ़ गईं। इसके बाद उन्होंने पूर्वी चंपारण के केसरिया मंदिर में 16 जून 2022 को शादी रचा ली। उसके बाद दोनों मुजफ्फरपुर न्यायलय में 15 जुलाई 2022 को कानूनन शादी करने के बाद साथ रहने लगे। ग्रामीणों को जब मामले की जानकारी हुई तो गांव के ही कुछ लोगों ने इसपर आपत्ति जताई। 17 जुलाई को ग्रामीणो ने पंचायत बुलाई जिसमें युवक को सज़ा देते हुए 25 जुलाई तक गांव छोड़ने का फ़ैसला सुनाया गया। अब दोनों पर गांव छोड़ने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है।

गांव नहीं छोड़ने पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी
पीड़ित दंपती की मानें तो पंचायत में गांव छोड़ने के साथ-साथ तीन लाख रुपये देने का भी फ़रमान सुनाया गया है। इसके साथ ही धमकी भी दी गई है कि गांव नहीं छोडे तो बुरा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना। वहीं पीड़ितों का आरोप है कि मामला विवाह करने का नहीं है। कुछ लोग गांव से हम दोनों को भगाना चाहते हैं ताकि वह अपने रिश्तेदार को सेविका के पद चयन करवाना सकें। उन्होंने जिला प्रशासन से इंसाफ़ की उम्मीद में मदद की गुहार लगाई है। इस पूरे मामले में थानाध्यक्ष उदय कुमार सिंह ने बताया कि विवाह करने में कोई ऐतराज़ नहीं है, दोनों की उम्र सही है। पंचायत में गांव छोडऩे का दिया गया आदेश सरासर ग़लत है, ये कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। चांदकेवारी की मुखिया रीना कुमारी ने कहा दंपती को गांव छोड़कर जाने का फरमान जारी करना कानूनन अपराध है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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