Kudhni By Election: क्या है जनता का मिज़ाज, कैसे बन रहे हैं यहां के सियासी समीकरण ?
Kudhni By Election:विकासशील इंसान पार्टी के प्रवक्ता राजीव मिश्रा ने वीआईपी के उपचुनाव में जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी चुनाव ही नहीं लड़ेगी बल्कि जीत भी दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि उपचुनाव में...
Kudhni By Election: बिहार में गोपालगंज और मोकामा सीट पर उपचुनाव के बाद सियासी पार्टियों ने कुढ़नी विधानसभा सीट (मुजफ्फरपुर) में उपचुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। कुढ़नी से के राजद विधायक अनिल सहनी के एलटीसी घोटाला मामले में दोषी पाये जाने के बाद उन्हें 3 साल की सजा सुनाई गई। अनिल सहनी की विधानसभा सदस्यता खत्म होते ही राजनीतित पार्टियों ने उपचुनाव की रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर में दूसरी बार उपचुनाव होने वाला है। पहली बार बोचहां में उपचुनाव में सियासी पारा चढ़ा था, अब दूसरी बार कुढ़नी विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी है।

कुढ़नी में उपचुनाव को लेकर चढ़ा सियासी पारा
अनिल सहनी की सदस्यता कैसे गई, एलटीसी घोटाला मामला क्या है, इसकी जाकारी हम आपको आगे देंगे। उससे पहले आपको उपचुनाव को लेकर चुनावी चर्चों की जानकारी दे रहे हैं। कुढनी में उपचुनाव को लेकर सियासी पार्टी अभी संभावित चेहरों पर चर्चा ही कर रही है। वही बिहार के पूर्व मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी ने कुढ़नी उपचुनाव के लिए बिगुल फूंक दिया है। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि कुढ़नी विधानसभा सीट पर उपचुनाव में मुकेश सहनी ही उम्मीदवार हो सकते हैं।

उपचुनाव में जीत का दावा किया
विकासशील इंसान पार्टी के प्रवक्ता राजीव मिश्रा ने वीआईपी के उपचुनाव में जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी चुनाव ही नहीं लड़ेगी बल्कि जीत भी दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि उपचुनाव में जनता ने भाजपा को नकार दिया है। वहीं उन्होंने कहा कि कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों समर्थकों के साथ हुए बैठक में पार्टी के कुढ़नी से चुनाव लड़ने का फैसला हुआ है। 16 नवंबर को कुढ़नी विधानसभा सीट पर उपचुनाव में वीआईपी प्रत्याशी नामांकन दाखिल करेंगे। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि मुकेश सहनी खुद ही इस विधानसभा से चुनावी ताल ठोकेंगे।

'भाजपा को हराना ही मकसद है'
राजीव मिश्रा ने कहा कि उपचुनाव को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा बोचहां उपचुनाव में हमने ताक़त दिखाई अब कुढ़नी में जोर आजमाइश है। पार्टी का खास मकसद भाजपा के प्रत्याशी को हराना है। कुढ़नी उपचुनाव में भी हम एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाएंगे। आपको बता दें कि विकासशील इंसान पार्टी ने मोकाम और गोपालगंज में उम्मीदवार उतारने की घोषणा की थी, लेकिन किसी को चुनावी मैदान में नहीं उतारा था। इसके साथ ही दोनों विधानसभा सीटों पर महागठबंधन प्रत्याशी को समर्थन भी किया था।

VIP ने बढ़ाई महागठंबधन और भाजपा की टेंशन
मोकामा और गोपालगंज उपचुनाव में वीआईपी के महागठबंधन प्रत्याशी को समर्थन का ज़्यादा फायदा तो नहीं मिला। लेकिन सियासी समीकरण ज़रूर बदले। वहीं कुढ़नी विधानसभा सीट पर उपचुनाव में वीआईपी कैंडिडेट उतरने से महागठबंधन और भाजपा दोनों दलों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्योंकि इस सीट पर सहनी समुदाय के मतदाता विनिंग फ़ैक्टर माने जाते हैं। वहीं विकासशील इंसना पार्टी की सियासी बूस्टर सहनी समुदाय के लोग ही हैं। ऐसे में अगर मुकेश सहनी ने चुनावी ताल ठोकी तो अन्य दलों के लिए परेशानियां बढ़ सकती हैं। अब जानते हैं कि अनिल सहनी पर क्या आरोप लगा की सदस्यता ही चली गई और कुढ़नी में उपचुनाव हो रहा है।

लाखों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप
अनिल सहनी (राजद, विधायक) के खिलाफ 31 अक्टूबर 2013 को सीबीआई ने एलटीसी घोटाला मामले में केस दर्ज किया था। उस वक्त अनिल साहनी जब राज्यसभा सांसद थे। आपको बता दें कि अनिल सहनी 2010 से लेकर 2018 तक दो बार जेडीयू से बिहार से राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हुए थे। मौजूदा वक्त में वह आरजेडी के में हैं। अनिल सहनी पर राज्यसभा सांसद रहते हुए बिना यात्रा किए 23 लाख 71 हजार रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने जाली ई-टिकट और फर्जी बोर्डिंग पास के जरिये लाखों रुपये का घोटाला किया है।

अनिल सहनी पर लगा एलटीसी घोटाले का आरोप
छुट्टी और बिना सफर किए भत्ता लेने के मामले में (एलटीसी घोटाला) केंद्रीय सतर्कता आयोग ने सीबीआई को केस ट्रांसफर किया था। इस पूरे मामले में सीबीआई ने सरकारी पद का दुरुपयोग, मनी लाउंड्रिंग एक्ट, धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज किया था। 31 अक्टूबर 2013 में सीबीआई ने केस दर्ज किया था। उस वक्त अनिल कुमार सहनी, एनएस नायर (एयर इंडिया के तत्कालीन सुपरिंटेंडेंट, ट्रैफिक) और अरविंद तिवारी को कोर्ट 2 साल की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही सभी पर 3 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। फिलहाल अनिल सहनी की वजह से राजद की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। बिहार में सभी राजनीतिक पार्टिया उपचुनाव की रणनीतियां तय करने में जुट गई हैं।
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