‘बुज़ुर्ग के जज़्बे को सलाम’, 1997 से लगाते आ रहे हैं पेड़, अनिल के फैसले की हर कोई कर रहा तारीफ़
Munger News In Hindi: बिहार के मुंगेर जिला के रहने वाले अनिल कुमार के एक फैसले की वजह लोग उनके मुरीद होते जा रहे हैं। साल 1997 से वह पेड़ लगाते आ रहे हैं और आज भी उनकी ये मुहिम जारी है। अनिल कुमार ने पेड़ लगाने का फ़ैसला क्यों लिया, इसके पीछे की वजह क्या है, आइए विस्तार से जानते हैं पूरा मामला क्या है?
अनिल कुमार राम पर्यावरण संरक्षण और लोगों को जागरुक करने के लिए मिसाल बन चुके हैं। आपको बता दें कि वह अभी तक 2500 से ज्यादा पेड़ लगा चुके हैं। इसके अलावा वह खुद के खर्च पर पौधे की घेराबंदी और उसमें खाद पानी भी डालते हैं।

मुंगेर के डीईओ दफ्तर से फोर्थ ग्रेड कर्मचारी के पद से रिटायर्ड होने के बाद उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए ही ख़ुद को समर्पित कर दिया है। अपने पेड़ लगाने की मुहिम के साथ वह लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं। तेज़ धूप में भी वह साइकिल पर पानी और कुदाल लेकर पेड़ों की ख़िदमत करने निकल जाते हैं।
मुंगेर के कृष्णापुरारी मोहल्ला निवासी अनिल की वजह से ही किला परिसर (जिला मुख्यालय) से डीजे कॉलेज रोड पांच नंबर गुमटी तक लगे पेड़ों की छांव का लोग लुत्फ़ उठा पा रहे हैं। अनिल कुमार राम ने बताया कि अपने काम के सिलिसले में वह घर से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर बरियारपुर गए थे।
बरियारपुर में उनका पर्स चोरी हो गया था, उनके पास घर वापस जाने तक के भी पैसे नहीं थे। तपती धूप में वह मुंगेर के लिए पैदल ही रवाना हो गए। चलते-चलते जब उन्हें थकान महूस हुई तो, धूप से बचने के लिए वह पेड़ के छांव की तलाश में करने लगे।
सड़क किनारे पेड़ नहीं होने की वजह से उन्हें चिलचिलाती धूप में पैदल ही चलना पड़ा। इसके बाद ही उन्होंने फ़ैसला किया कि वह पौधे लगाएंगे, ताकि दूसरे लोगों को छांव की ज़रूरत महसूस हो तो उनकी तलब पूरी हो सके। इसी मुहिल के साथ वह 1997 से लेकर आज तक हज़ारों पौधे लगा चुके हैं। इस मुहिम को जारी रखते हुए पौधे की देखभाल भी करते हैं।












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