Lok Sabha Chunav 2024: मुंगेर लोकसभा सीट का दिलचस्प रहा है इतिहास, जानिए यहां के सियासी समीकरण
Lok Sabha Chunav 2024, Munger Lok Sabha Seat: बिहार में आगामी चुनाव के मद्देनज़र राजनीतिक पार्टियों ने सभी 40 लोकसभा सीटों पर सियासी मंथन शुरू कर दिया है। प्रदेश की चुनावी चर्चा के बीच आज हम आपको बिहार की हॉट लोकसभा सीटों में शुमार की जाने वाली मुंगेर लोकसभा सीट का सियासी समीकरण और इतिहास बताने जा रहे हैं।
बिहार के मुंगेर लोकसभा सीट का इतिहास काफी दिलचस्प रहा है, सन 1761 में बंगाल के नवाब मीर कासिम ने मुंगेर को बंगाल की राजधानी बनाई थी। बुज़ुर्गों की मानें तो मीर कासिन ने ही मुंगेर में ऐतिहासिक किले का निर्माण कराया था।

मीर कासिम ने ही मुंगेर में हथियार निर्माण की शुरुआत की थी। ग़ौरतलब है कि मौजूदा वक्त नें मुंगेर को योग नगरी की संज्ञा दी जाती है। मुंगेर ज़िला के जमालपुर में एशिया का पहला और हिंदुस्तान का सबसे पुराना रेल कारखाना भी स्थापित है।
2009 के परिसीमन से पहले मुंगेर ज़िला में ही हवेली खड़गपुर विधानसभा क्षेत्र शामिल था। 1952 से पहले हुए विधानसभा चुनाव में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने हवेली खड़गपुर से ही जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने बिहार के पहले मुख्यमंत्री तौर पर शपथ ली थी।
मुंगेर लोकसभा सीट के पर भूमिहार और अतिपिछड़े मतदाता विनिंग फ़ैक्टर के तौर पर जाने जाते हैं। वहीं भूमिहार मतदाताओं का झुकाव किसी एक ही उम्मीदवार की तरफ देखने को मिलता रहा है। 1952 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में मुंगेर जिले से चार प्रत्याशियों ने सांसद की कुर्सी पर क़ब्ज़ा जमाया था।
1957 और 1962 में हुए लोकसभा चुनाव में मुंगेर जिले से दो प्रत्याशियों ने सांसद की कुर्सी पर जीत दर्ज की। वहीं 1967 से मुंगेर लोकसभा सीट से एक ही सांसद का कोटा हो गया। मुंगेर जिला को बांटकर पांच नए जिले अस्तित्व में आए।
1952 के चुनाव के वक्त मुंगेर ज़िला में चार लोकसभा सीट मुंगेर नॉर्थ-वेस्ट, साउथ-ईस्ट, मुंगेर सदर, जमुई एससी और मुंगेर सदर (जमुई जनरल लोकसभा) क्षेत्र शामिल थे। मुंगेर नॉर्थ-वेस्ट से सोशलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी पंडित सुरेश चंद्रा, मुंगेर साउथ-ईस्ट से कांग्रेस प्रत्याशी मथुरा प्रसाद, मुंगेर सदर (जमुई एससी) से नयन तारा और मुंगेर सदर (जमुई जनरल) से बनारसी प्रसाद सिन्हा नेजीत का परचम लहराया था।
1957 में मुंगेर से दो लोक सभा क्षेत्रों को हटा दिया गया, वहीं 1967 में मुंगेर जिला के अंदर सिर्फ एक ही लोकसभा सीट बची, जिस पर सोशलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी मधुलिमिए ने जीत दर्ज की थी। 1976 से मुंगेर जिले का दायरा छोटा होना शुरू हो गया था।
मुंगेर ज़िला को बांटकर 1976 में बेगूसराय अस्तित्व में आया, वहीं 1988 में खगड़िया अस्तित्व में, 1991 में जमुई और 1994 में मुंगेर ज़िले से बांटकर लखीसराय और शेखपुरा जिला अस्तित्व में आया। मौजूदा वक्त में जदयू के दिग्गज नेता ललन सिंह यहां से सांसद हैं।
मुंगेर लोकसभा क्षेत्र के सांसदों की सूची
1952: मथुरा प्रसाद मिश्र, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1952: सुरेश चंद्र मिश्रा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1957: बनारसी प्रसाद सिन्हा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1957: नयन तारा दास, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1962: बनारसी प्रसाद सिन्हा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1964: मधु लिमये, संयुक्ता समाजवादी पार्टी (उपचुनाव)
1967: मधु लिमये, एसएसपी
1971: देवेंद्र प्रसाद यादव, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1977: श्रीकृष्ण सिंह, जनता पार्टी
1980: देवेंद्र प्रसाद यादव, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (उर्स)
1984: देवेंद्र प्रसाद यादव, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस,
1989: धनराज सिंह, जनता दल
1991: ब्रह्मानंद मंडल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
1996: ब्रह्मानंद मंडल, समता पार्टी,
1998: विजय कुमार विजय, राष्ट्रीय जनता दल
1999: ब्रह्मानंद मंडल, जनता दल (यूनाइटेड)
2004: जय प्रकाश नारायण यादव, राष्ट्रीय जनता दल
2009: राजीव रंजन सिंह, जनता दल (यूनाइटेड)
2014: वीना देवी, लोक जनशक्ति पार्टी
2019: राजीव रंजन सिंह, जनता दल (यूनाइटेड)












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