Motivational Story:पिता और बेटी ने पॉवर लिफ्टिंग में जीते मेडल,बेटी को 3 महीने से प्रशिक्षण दे रहे थे भूपेंद्र
Patna Power Lifting Competition: बिहार की राजधानी पटना में आयोजित पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में पिता और बेटी ने मेडल जीत कर हुनर का परचम लहराया है। सिर्फ 3 महीने की ट्रेनिंग में दिव्यानी ने यह कामयाबी हासिल की है।

Motivational Story: इंसान के अंदर कुछ करने का जज़्बा हो तो वह चुनौतियों से जूझते हुए भी मंजिल हासिल कर ही लेता है। कुछ इसी तरह की कहानी बिहार के नालंदा ज़िला के रहने वाले भूपेंद्र प्रताप सिंह की है, उन्होंने ना सिर्फ खुद मेडल जीते बल्की अपनी बेटी को भी तीन महीने के प्रशिक्षण से मेडल तक का सफर तय करवाया। दरअसल बिहार की राजधानी पटना में पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में नालंदा जिला से पिता और बेटी ने हिस्सा लिया था। ग़ौरतलब है कि दोनों ने विभिन्न वर्गों में मेडल पर कब्ज़ा जमाते हुए नालंदा का नाम रोशन किया है।

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पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता नालंदा का नाम रोशन
पटना के बजरंगपुरी में आयोजित हुए राजस्तरीय प्रतियोगिता में पिता ने गोल्ड और बेटी ने ब्रॉन्ज मेडल पर क़ब्ज़ा जमाया। पिता और बेटी नालंदा ज़िला के गोडिहा गांव (नूरसराय प्रखंड क्षेत्र) के रहने वाले हैं। पिता भूपेंद्र प्रताप सिंह ने 120 किलो वर्ग में गोल्ड मेडल पर कब्ज़ा जमाया, वहीं बेटी जीता तो वहीं 13 साल की बेटी दिव्यानी सिंह ने 47 किलो वर्ग में 165 किलो वजन उठाकर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्ज़ा जमाया। सिर्फ तीन महीने की कोशिश में दिव्यानी ने तीसरा स्थान हासिल किया है।

पिता और बेटी ने लहराया हुनर का परचम
भूपेंद्र प्रताप सिंह प्रदेश स्तर से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित कई प्रतियोगिताओं में अपने हुनर का लोहा मनवा चुके हैं। फिल्हाल भूपेंद्र बतौर जिला संयोजक (पॉवर लिफ्टिंग) काम कर रहे हैं। वह बच्चों को पॉवर लिफ्टिंग का हुनर सिखा रहे हैं। उन्होंने बताया कि तीन महीने पहले उनकी बेटी दिव्यानी को राज्यस्तरीय पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता की जानकारी मिली। दिव्यानी ने पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता भाग लेने की ख्वाहिश का इज़हार किया।

बेटी को 3 महीने से प्रशिक्षण दे रहे थे भूपेंद्र प्रताप
भूपेंद्र सिंह ने बेटी के प्रतियोगिता में भाग लेने ख्वाहिश पर राज़ी हो गए। 3 महीने तक उसे पॉवर लिफ्टिंग के हुनर सिखाए। तीन महीने के प्रशिक्षण से दिव्यानी ने प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया। बेटी की कामयाबी से पिता समेत पूरे गांव के लोग खुश हैं। आपको बता दें कि राज्यस्तरीय पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में 8 राज्यों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। महिला और पुरुष प्रतिभागियों को मिलाकर 200 लोगो ने भाग लिया था। इसमें नालंद से 7 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।

कई खिलाड़ियों ने पॉवर लिफ्टिंग में जीते मेडल
नालंदा ज़िले के जोरारपुर गांव के रहने वाले रामचंद्र वर्मा ने 59 किलो वर्ग में 395 किलो वजन उठाकर तीसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा राज्यस्तरीय पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता धनंजय कुमार (बिहार शरीफ मुख्यालय) ने 66 किलो वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं 83 किलो वर्ग में आयुष्मान कुमार ने तीसरा स्थान हासिल किया। इस प्रतियोगिता में नालंदा से पांच लोगों ने मेडल पर कब्ज़ा जमाया। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि अगर सरकार खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं दे, तो नालंदा जिले से कई खिलाड़ी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर सकते हैं।
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