Mokama Assembly Seat: ‘दाल की नगरी’ से बाहुबली राजनीति तक, बदलते समीकरण और नई सियासी जंग, समझिए क्या है गणित?
Mokama Assembly Seat, Bihar Chunav 2025: बिहार की राजनीति में मोकामा विधानसभा सीट का नाम लेते ही दाल की महक और बाहुबली राजनीति की कहानी साथ-साथ चलती है। कभी बड़े सरकार दिलीप सिंह, फिर सूरजभान सिंह और अब छोटे सरकार अनंत सिंह-पिछले तीन दशकों में यहां की सत्ता का चेहरा हमेशा बाहुबली छवि से तय हुआ है।
लेकिन 2025 का चुनाव सिर्फ ताकत के प्रदर्शन का नहीं, बल्कि बदलते समीकरण, नए मुद्दों और मतदाताओं के बदलते रुझान का भी इम्तिहान होगा। आइए समझते हैं क्या है सियासी गणित?

सियासी पटल पर बदलते खिलाड़ी
मौजूदा विधायक नीलम देवी (RJD) ने मैदान से किनारा कर लिया है, जबकि उनके पति अनंत सिंह ने इस बार JDU (NDA) से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। यह कदम मोकामा के सियासी समीकरण को उलट-पुलट करने वाला साबित हो सकता है।
अब मुकाबला सिर्फ RJD बनाम JDU नहीं रहेगा, बल्कि इसमें जनसुराज (PK) और स्थानीय आपराधिक गुट समर्थित उम्मीदवारों की एंट्री से मुकाबला त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय हो सकता है।
जातीय गणित
यादव: 24% - RJD का पारंपरिक आधार
राजपूत: 14.3% - अनंत सिंह की कोर ताकत
SC: 16.7% - निर्णायक भूमिका
मुस्लिम: 2.3% - RJD को लाभ
अन्य OBC/EBC: विकास और सुरक्षा पर झुकाव बदल सकता है
मुद्दे जो मतदाताओं को बांधेंगे
कानून-व्यवस्था: क्या मोकामा बाहुबली छवि से मुक्त होगा या उसे दोहराएगा?
सड़क और पुल: मोकामा घाट और आसपास की कनेक्टिविटी
बाढ़ और गंगा कटाव: हर साल की तबाही का स्थायी समाधान
कृषि और मंडी: दाल उत्पादन के बावजूद किसानों को बाज़ार की कमी
रोजगार: युवाओं का पलायन रोकना
| पार्टी/गठबंधन | संभावित उम्मीदवार | ताकत | कमजोरी |
| JDU (NDA) | अनंत सिंह | मजबूत राजपूत आधार
दशकों का व्यक्तिगत प्रभाव और भय-मोह का समीकरण NDA वोट बैंक (BJP+JDU का OBC, सवर्ण और EBC समर्थन) बाहुबली छवि से अपने समुदाय में पकड़ | कानूनी मामलों से नकारात्मक छवि विरोधी प्रचार में "जेल और अपराध" नैरेटिव |
| RJD (महागठबंधन) | अशोक महतो | यादव (24%) और मुस्लिम (2.3%) का कोर वोट बैंक
महागठबंधन की जातीय एकजुटता | NDA में जाने से राजपूत वोट पूरी तरह खिसकने की आशंका बाहुबली छवि का मुकाबला कठिन |
| निर्दलीय/गुट समर्थित | सोनू-मोनू समर्थित चेहरा | स्थानीय नेटवर्क और डर-प्रभाव
SC और EBC में आंशिक पकड़ | संगठनात्मक मजबूती कम
अपराध छवि से मध्यम वर्ग का वोट नहीं |
| जनसुराज (PK) | स्थानीय विकासवादी चेहरा | बदलाव और बाहुबली विरोधी नैरेटिव
युवाओं में आंशिक समर्थन | जातीय समीकरण में कम पकड़
सीमित जमीनी संगठन |
काफी दिलचस्प होगा चुनावी मुकाबला
मोकामा 2025 की लड़ाई सिर्फ उम्मीदवारों की नहीं, बल्कि विचारधाराओं की भी है-क्या मतदाता बाहुबल और परंपरागत जातीय समीकरणों को दोहराएंगे या किसी नए राजनीतिक अध्याय की ओर कदम बढ़ाएंगे? अनंत सिंह का NDA में जाना, अशोक महतो का संभावित मुकाबला और सोनू-मोनू फैक्टर इस चुनाव को बिहार के सबसे दिलचस्प और अनिश्चित मुकाबलों में से एक बना रहा है। इस चुनाव में जीत का मार्जिन बेहद पतला हो सकता है, और शायद पहली बार मोकामा में "भय बनाम बदलाव" की असली परीक्षा होगी।












Click it and Unblock the Notifications