Mokama Election 2025: मोकामा से क्या इस बार चुनाव लड़ पाएंगे अनंत सिंह? जानिए जातीय गणित और संभावित चेहरे
Mokama Assembly Election 2025: बिहार की राजनीति में मोकामा विधानसभा सीट हमेशा से चर्चा में रही है-कभी 'दाल की नगरी' के रूप में, तो कभी बाहुबलियों के गढ़ के रूप में। 2025 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, मोकामा फिर एक बार राजनीतिक विश्लेषण और रणनीति का केंद्र बन गया है।
मोकामा से फिलहाल पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी विधायक हैं। अनंत सिंह इस बार बिहार विधानसभा में मोकामा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं लेकिन फिलहाल अनंत सिंह पटना के बेऊर जेल में बंद हैं। अनंत सिंह फिलहाल सोनू-मोनू गिरोह से जुड़े एक मामले में जेल में हैं। हालांकि मई 2025 में उन्होंने संकेत दिए थे कि वे चुनाव लड़ेंगे क्योंकि वे जेल से जल्द बाहर आ जाएंगे।
2020 के चुनाव में जेडीयू ने राजीव लोचन को टिकट दिया था, हो सकता है कि इस बार भी जेडीयू इन्ही पर दांव खेले।

मोकामा सीट का इतिहास
मोकामा विधानसभा सीट की स्थापना 1951 में हुई थी। इसमें घोसवरी और मोकामा ब्लॉक के साथ-साथ पंडारक ब्लॉक के 11 ग्राम पंचायत शामिल हैं। यह सीट मुंगेर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।
इस क्षेत्र की राजनीति पर 1990 के दशक से बाहुबलियों का प्रभाव रहा है। दिलीप सिंह (बड़े सरकार), सूरजभान सिंह, और फिर अनंत सिंह (छोटे सरकार) जैसे नामों ने दशकों तक इस सीट को अपने नियंत्रण में रखा।
अहम पड़ाव
- 1990 और 1995: दिलीप सिंह (जनता दल)
- 2000: सूरजभान सिंह (निर्दलीय)
- 2005-2020: अनंत सिंह (तीन बार जदयू, एक बार निर्दलीय, एक बार राजद)
- 2022 उपचुनाव: नीलम देवी (राजद) - अनंत सिंह की पत्नी
मोकामा सीट के जातीय समीकरण और मतदाता आंकड़े
मोकामा विधानसभा क्षेत्र बिहार राज्य की 243 विधानसभा सीटों में से एक है। यह एक सामान्य (General) श्रेणी की सीट है। यह पटना जिले में स्थित है और मुंगेर लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले 6 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है।
कुल मतदाता (2024) 2,90,513 थे हालांकि 2020 के विधानसभा चुनाव के वक्त ये आंकड़े 2,75,028 थे। 2020 के चुनाव के वक्त राजपूत मतदाता (अनंत सिंह का आधार वोट) 14.3%, यादव मतदाता 24%, अनुसूचित जाति 16.7%, मुस्लिम मतदाता 2.3%, थे।
क्या बदलेगा वोटर का मूड?
35 वर्षों से मोकामा में भय, बाहुबल और प्रभाव की राजनीति रही है। 2025 का चुनाव इस बात की परीक्षा होगी कि क्या मतदाता उसी पुराने रास्ते पर चलते हैं या किसी नए नेतृत्व की ओर बढ़ते हैं। मोकामा विधानसभा सीट न सिर्फ बाहुबली राजनीति का प्रतीक रही है, बल्कि बिहार की बदलती सियासत का एक आईना भी है। 2025 में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यहां वोटर किसी नए बदलाव की ओर बढ़ते हैं, या एक बार फिर अनंत सिंह के प्रभाव को स्वीकार करते हैं।












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