लालू ने बताया उनके जाने के बाद कौन जलाकर रखेगा उनकी लालटेन
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक विरासत संभालने को लेकर तीन नाम सामने आ रहे थे। लालू यादव के दो बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी यादव के साथ-साथ उनकी बड़ी बेटी मीसा भारती भी रेस में थी।
पटना। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का हर दांव बेहद खास होता है। 1997 में उन्होंने जिस तरह से अपनी पत्नी राबड़ी देवी को बिहार का मुख्यमंत्री बना कर सियासी रणनीतिकारों को चौंकाया था, ठीक उसी तरह से अब उन्होंने अपनी राजनीतिक विरासत सौंपने को लेकर बड़ा ऐलान किया है। आरजेडी सुप्रीमो ने साफ कर दिया है कि आखिर उनके बाद उनकी राजनीतिक विरासत को आगे कौन लेकर जाएगा?
आरजेडी सुप्रीमो का बड़ा फैसला
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक विरासत संभालने को लेकर तीन नाम सामने आ रहे थे। लालू यादव के दो बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी यादव के साथ-साथ उनकी बड़ी बेटी मीसा भारती भी रेस में थी। हालांकि लालू प्रसाद यादव ने बेटी की जगह बेटों को ही आगे किया है। 'द टेलीग्राफ' में छपी खबर के मुताबिक लालू प्रसाद यादव ने साफ कर दिया है कि वो अपनी राजनीतिक विरासत दोनों बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी यादव को सौंपेंगे। इसको लेकर उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में ऐलान किया।

पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में आरजेडी सुप्रीमो का खुलासा
बिहार के राजगीर में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने आरजेडी के कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा है कि वो अपनी राजनीति विरासत अपने दोनों बेटों को सौपेंगे। हालांकि उनके इस ऐलान को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, लालू यादव के दोनों बेटों की राजनीति में एंट्री अभी नई है। अभी उन्हें सियासत में अनुभव की जरूरत है, यही वजह है कि लालू यादव ने पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में उनके नाम का ऐलान किया। माना जा रहा है कि आरजेडी सुप्रीमो अपने दोनों बेटों को सियासी रणनीति सिखाएंगें।

बेटों को राजनीतिक विरासत सौंपने का किया ऐलान
लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती का नाम भी सियासी बिसात में आगे चल रहा था, इसकी वजह ये थी कि वो काफी पहले राजनीति में सक्रिय हो गई। उन्होंने कई मोर्चों पर आरजेडी का मुखर तौर पर नेतृत्व किया। हालांकि जिस तरह से 2014 के चुनाव में मीसा भारती की पाटलीपुत्र सीट से हार हुई उसके बाद उनका नाम कहीं पीछे छूट गया। खुद मीसा भारती ने भी कहा कि हमारे यहां दायित्व बेटों को ही सौंपा जाता है। ये हमारे यहां की परंपरा है।

बेटी मीसा भारती का भी चल रहा था नाम
फिलहाल जिस तरह से राजगीर में तीन दिनों के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान लालू प्रसाद यादव ने बेटों को उत्तराधिकारी बनाया है, ये उनकी दूरगामी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। बता दें कि आरजेडी सुप्रीमो के दोनों बेटे बिहार की नीतीश कुमार सरकार में मंत्री हैं। 27 वर्षीय तेजस्वी यादव बिहार सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं, वहीं 28 वर्षीय तेज प्रताप यादव प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री हैं।

लालू बोले, मेरे बाद, तेज प्रताप और तेजस्वी पार्टी की बागडोर संभालेंगे
ये कोई पहली बार नहीं जब इस तरह से किसी बड़े नेता अपनी राजनीतिक विरासत अपने बेटों को सौंपी है। इससे पहले हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने भी अपने बेटों को ही राजनीतिक उत्तराधिकारी चुना था। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भी राजनीतिक उत्तराधिकार को ऐलान में कहा कि मेरे बाद, तेज प्रताप और तेजस्वी पार्टी की बागडोर संभालेंगे।












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