VIDEO: 'यहां फालतू बात मत करो', तेजस्वी के नारे पर भरी जनसभा में भड़क उठे तेज प्रताप यादव, आखिर ऐसा क्या हुआ?
बिहार की सियासत में पूर्व आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह बनी जहानाबाद की सभा, जहां मंच से उनका गुस्सा सामने आया। आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के बड़े लाल भी इन दिनों चुनाव प्रचार में जुटे हैं। शनिवार को उन्होंने घोसी में जनसभा को संबोधित किया।
सभा को संबोधित कर रहे तेज प्रताप के बीच अचानक भीड़ से आवाज आई- 'अबकी बार तेजस्वी सरकार।' इतना सुनते ही तेज प्रताप गुस्से से लाल हो गए और तुरंत पलटकर कहा कि, 'यहां फालतू बात मत करो। तुम आरएसएस के हो क्या? अभी पुलिस पकड़ेगी लेकर चल देगी।'

उन्होने कहा कि 'सरकार जनता बनाती है, कोई एक आदमी नहीं। किसी को अहंकार नहीं करना चाहिए। जो घमंड में रहेगा, वो जल्दी गिरेगा। नौटंकी करोगे तो रोजगार भी नहीं मिलेगा।'
तेज प्रताप ने दी चेतावनी
तेज प्रताप ने कहा कि, 'उनके चक्कर में मत पड़ो जो 'टीम तेज प्रताप यादव' तोड़ना चाहते हैं। मुझे तोड़ने की कोशिश हुई, लेकिन भगवान ने मुझे फिर से मौका दिया। जो अपने लोगों के प्रति वफादार नहीं हो सकता, वह जनता के लिए क्या करेगा? मुझे मुख्यमंत्री बनने का कोई लालच नहीं है।'
'जयचंदों' से सावधान रहने की नसीहत
तेज प्रताप का यह गुस्सा दरअसल अंदरूनी कलह की कड़ी है। कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी को नसीहत दी थी कि आरजेडी में मौजूद 'जयचंदों' यानी गद्दारों से सावधान रहें। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि 'मैं तेजस्वी से कहना चाहता हूं कि अभी भी समय है। अपने आसपास मौजूद जयचंदों से सावधान रहो, वरना चुनाव नतीजे बहुत बुरे होंगे।'
तेज प्रताप ने 'वोटर अधिकार यात्रा' का भी जिक्र किया, जिसमें कांग्रेस और आरजेडी कार्यकर्ताओं पर एक ड्राइवर और पत्रकार के साथ मारपीट का आरोप लगाया गया। उन्होंने लिखा- 'जिस तरह ड्राइवर और मीडियाकर्मी के साथ दुर्व्यवहार हुआ, वह निंदनीय और शर्मनाक है।'
बिहार में नई सियासी पारी की तैयारी
भले ही लालू प्रसाद ने उन्हें आरजेडी से निष्कासित कर दिया हो, लेकिन तेज प्रताप पीछे हटने को तैयार नहीं। उन्होंने अपनी नई राजनीतिक फ्रंट की शुरुआत की है और विकास वंचित इंसान पार्टी (VVIP), भोजपुरीया जन मोर्चा (BJM) समेत पांच छोटे दलों के साथ हाथ मिलाया है।
सोशल मीडिया पर उन्होंने ऐलान किया कि, 'कुछ गद्दार मेरी राजनीति खत्म करने की साजिश कर रहे हैं। लेकिन ये गद्दार नहीं जानते कि मेरा नाम तेज प्रताप यादव है। चाहे कितनी भी बड़ी साज़िश हो, मुझे हराया नहीं जा सकता।'
बिहार की राजनीति पर असर
बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में तेज प्रताप का बगावती तेवर तेजस्वी यादव के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। तेजस्वी भले ही आरजेडी का सीएम चेहरा हों, लेकिन बड़े भाई का विरोध यादव वोटबैंक में दरार डाल सकता है और पार्टी की रणनीति बिगाड़ सकता है। यानि, भाई-भाई की यह तकरार इस बार के चुनावी रण में सबसे बड़ा सियासी सबप्लॉट साबित हो सकती है।












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