सिर्फ अंडों की बदौलत रईस बन गया ये शख्स, इस बिजनेस ने बना दिया मालामाल
पटना। आजकल इंटरनेट हमारी मूलभूत जरूरत बन चुका है। लोग इंटनेट का इस्तेमाल अपनी सुविधानुसार करते हैं। इसी तरह इंटरनेट का सदुपयोग करते हुए बक्सर के रहने वाले बबलू ने ऑस्ट्रेलिया में पाए जाने वाले एमू पक्षी के बारे में जानकारी हासिल की और उसे पालने का धंधा शुरू किया। धंधे की शुरुआत में उसे कुछ परेशानियां आई लेकिन अब वह दूर हो गई हैं और बबलू एक अंडे से 800 तथा एक बच्चे से 20000 तक की कमाई करते हैं। और तो और बबलू अन्य जिले के लोगों को भी इस पक्षी के पालने का तरीका सिखा रहे हैं साथ ही इससे होने वाले फायदे के बारे में भी बताते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार बक्सर के राजपुर प्रखंड के सिकठी गांव के रहने वाले बबलू सिंह ने टीवी पर जंगलों में पाए जाने वाली इस पक्षी के बारे में देखा था जिसके बाद इसके बारे में इंटरनेट पर जानकारी हासिल किया और इसे पालने की शुरुआत की। क्योंकि बबलू वनस्पति विज्ञान से एम ए पास था। वहीं पशुपालन को लेकर उसकी चर्चा पूरे जिले में काफी जोर शोर से हो रही है। इस पक्षी के पालने के बारे में बबलू का कहना है कि वह पहले एक जोड़ा ऑस्ट्रेलियन पक्षी एमू लाया और उसे पालने की शुरुआत करने लगा। देखते ही देखते अब उसके पास कई जोड़े पक्षी हैं जिसे देखने के लिए दूर दराज से लोग गांव तक आते हैं। इसके एक अंडे की कीमत 800 है तो एक बच्चा 20,000 में बिकता है। जो दिसंबर महीने से मार्च तक अंडा देता है और इसकी खरीदारी के लिए खुला बाजार नहीं होने के कारण रांची की एक कंपनी से कांटेक्ट किया गया है। वही कंपनी इसके अंडे और बच्चे को खरीदती है। इसका अंडा पूरी तरह कोलेस्ट्रॉल रहित है तो इसके मास हेल्थी होने के कारण बड़े होटलों में काफी महंगा बिकता है।

हमारे इस पक्षी को पालने के बाद दूर दराज से लोग हमारे पास इसके पालने के तरीके सीखने के लिए आते हैं। यह पक्षी पूरी तरह आप की सुरक्षा करता है बच्चों के साथ-साथ अन्य घरेलू पशु पक्षियों के साथ या घुल-मिलकर रहता है तथा इसका मुख्य भोजन मक्का है। इसे पालने के लिए बैंक से लोन भी मिलता है और आने वाले समय में जिले में इसकी पालन बढ़ने की संभावना दिख रही है। क्योंकि जिस जिज्ञासा से लोग इसके बारे में पूछ रहे हैं इस से ऐसा लगता है कि सभी इसे पालने के लिए इच्छुक है।












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