Lok Sabha Chunav: क्या मुंगेर से ललन सिंह का पत्ता होगा साफ़, अनंत सिंह की पत्नी JDU से ठोकेंगी ताल!
Munger Lok Sabha Seat: बिहार में राजद से किनारा करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए की सरकार बना ली है। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि राजद नेत्री नीलम देवी (अनंत कुमार) की पत्नी एनडीए से उम्मीदवार बनाई जा सकती हैं।
बिहार में बदली सियासी फ़िज़ा के बाद यह चर्चा का विषय बना हुआ कि आखिर अनंत सिंह की पत्नी ने राजद से धोखा क्यों किया?, क्या पति को जेल से बाहर लाने के लिए नीलम देवी ने एनडीए के साथ दिया या वजह कुछ और थी।

सियासी गलियारों में उठ रहे सवालों पर वन इंडिया हिंदी से बात करते हुए पूर्व आईपीएस अमिताभ दास ने बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह किसी भी हाल में जेल से बाहर नहीं आ सकते हैं, नीतीश कुमार ने अनंत सिंह को सज़ा नहीं सुनाई है, उसे सज़ा कोर्ट ने सुनाई है।
अनंत सिंह को दो मामले एक-47 और इंसास रायफल रखने के मामले में 10-10 साल कोर्ट ने सज़ा सुनाई है। तो सवाल यह उठता है कि फिर नीलम देवी ने पाला क्यों बदला?, तो इसकी कई कारण हैं। एक तो नीतीश कुमार शुरू से ही अनंत सिंह के चपरासी के तौर पर उनके सामने हाथ जोड़कर खड़े रहे हैं।
आज भी मैं यह कह रहा हूं कि बेऊर जेल में अनंत सिंह बंद हैं, लेकिन आज भी नीतीश कुमार के कहने पर अनंत सिंह को जेल में सारी सुविधाएं मिल रही हैं। 12 फरवरी को जो नीतीश कुमार को विश्वास मत हासिल हुआ है। उससे पहले अनंत सिंह ने सीएम नीतीश कुमार को धमकाया था।
अनंत सिंह ने कहा था कि मेरी पत्नी को मंत्री बनवाओं या लोकसभा का टिकट दो, नहीं तो तुम्हारी सरकार जाएगी। इसके बाद नीलम देवी एनडीए के समर्थन में आ गई है।इसके बाद से यह चर्चा तेज़ हो चुकी है कि एनडीए की तरफ़ नीलम देवी मुंगेर संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार हो सकती हैं।
नीलम देवी ने 2019 में मुंगेर से कांग्रेस की टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ी थी। इसी वजह से ललन सिंह और अनंत सिंह के बीच तल्खी बढ़ी थी। भविष्य में यह हो सकता है कि नीलम देवी राम भक्त बन जाएं, मतलब भाजपा में चली जाएं और उन्हें मुंगेर से टिकट मिल जाए।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को इसके लिए मेडियेटर बनाया गया है। क्योंकि अनंत सिंह और विजय सिन्हा दोनों भूमिहार जाति से हैं। नीतीश कुमार ने यह प्लान विजय सिन्हा के साथ मिलकर बनाया है कि नीलम देवी को अपने पाले में लाकर भाजपा से टिकट दिलवा दें।
इससे नीतीश कुमार का एक काम यह भी हो जाएगी कि ललन सिंह किनारे हो जाएंगे। क्योंकि आज की तारीख़ में ललन सिंह ही जदयू से मुंगेर लोकसभा के सांसद हैं। अगर मुंगेर की सीट भाजपा के खाते में चली जाएगी तो ऐसे ही ललन सिंह का पत्ता साफ़ हो जाएगा। एक तीर से कई निशाना साधने की नीतीश कुमार कोशिश कर रहे हैं।












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