लालू की जेब में है कांग्रेस या सोनिया को सिर्फ लिट्टी पसंद है!

कांग्रेस को सबसे पहले लालू यादव का साथ चाहिए, बाद में कांग्रेसी नेता का। बिहार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने भी लालू के खिलाफ बगावत वाले बोल बोलना शुरू कर दिया था।

पटना। बिहार कांग्रेस और राजद का गठबंधन भले ही बिहार में महागठबंधन हो लेकिन कांग्रेस में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद का दबदबा देखने को मिलता है। इसी दम पर वो पार्टी के आलाकमान से जो चाहते हैं वो मंजूर करवा लेते हैं। बिहार कांग्रेस के नेता या अध्यक्ष जो कोई भी लालू के खिलाफ बगावत वाला बोल बोलता है, उसकी खैर नहीं है। हाल-फिलहाल बिहार कांग्रेस में हुए हेर-फेर इस बात का ताजा तरीन उदाहरण पेश करता है और आगे से ये हिदायत देता है कि बिहार में कांग्रेस नेता को लालू के खिलाफ बोलना सख्त मना है नहीं तो अंजाम ठीक नहीं होगा। कुछ इसी तरह की कई बातें अब बिहार के सियासी गलियारों में गूंजने लगी है। क्या कांग्रेस लालू प्रसाद यादव के जेब में है या फिर कांग्रेस लालू की कठपुतली बनकर रह गई है।

हेर-फेर कर गए हैं लालू

हेर-फेर कर गए हैं लालू

आपको बता दें कि बिहार कांग्रेस में हुई इस हेर-फेर का कारण कोई और नहीं बल्कि खुद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव हैं। ऐसा हम नहीं बल्कि बिहार के जानकार और राजनीतिक गणितज्ञ बता रहे हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस को सबसे पहले लालू यादव का साथ चाहिए, बाद में कांग्रेसी नेता का। बिहार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने लालू के खिलाफ बगावत वाले बोल बोलना शुरू कर दिया था। जिसके बाद से बिहार कांग्रेस में टूट की खबर सामने आई और उन्हें पार्टी से हटा दिया गया। अशोक चौधरी पहले ऐसे नेता नहीं है जिन्होंने लालू के खिलाफ आवाज उठाई और पार्टी पद से हटा दिया गया।

कांग्रेस को चाहिए पहले लालू

कांग्रेस को चाहिए पहले लालू

इससे पहले भी कई ऐसे नेता थे जिन्होंने लालू के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की थी और उन्हें पद से हाथ धोना पड़ा था। जब से बिहार में कांग्रेस और राजद का गठबंधन हुआ है, तब से कई ऐसे मौके देखने को मिले हैं जहां कांग्रेस के नेता द्वारा लालू के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करते ही उन्हें पार्टी से अलग-थलग कर दिया गया। लालू यादव के खास और करीबी कहे जाने वाले नेताओं का मानना है कि लालू यादव और कांग्रेस के बीच आज का नहीं बल्कि उस दौर का गठबंधन है जब अकेले लालू यादव ने सोनिया का साथ दिया था, यह बात कांग्रेस नेता को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।

लालू के मुरीद हुए बाकी भी पीछे-पीछे

लालू के मुरीद हुए बाकी भी पीछे-पीछे

वहीं दूसरी तरफ विरोधी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस शुरू से ही लालू प्रसाद यादव के जेब में रही है क्योंकि लालू यादव ने एक समय सोनिया गांधी के विदेशी महिला के सवाल पर अकेले ही मजबूती से उनका साथ दिया था। जिसके बाद कांग्रेस के आलाकमान लालू यादव के मुरीद हो गए थे। जिसे लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस के नेता बखूबी जानते हैं। शायद यही कारण है कि लालू यादव का कांग्रेस में अभी भी दबदबा है और पार्टी के आलाकमान से जो चाहते हैं वो मंजूर करवा लेते हैं। अगर पार्टी का कोई भी नेता उनके खिलाफ आवाज उठाता है तो उसका पार्टी में क्या हाल होता है, ये बताने की जरूरत नहीं है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+