सुशील मोदी को चुनौती देते हुए तेजस्वी बोले- कोई एजेंसी बची हो तो उससे भी करा लें मेरे खिलाफ जांच
पटना। लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने बिहार के डिप्टी सीएम के आरोपों का जवाब देते हुए कहा है कि, हम मुद्दों की बात करते हैं, लेकिन वे मुद्दों से भटकाने की बात करते हैं। हम झूठे हैं तो उन्हें खुली चुनौती है कि, कोई एजेंसी उनके पास बची है तो वो उससे भी हमारे खिलाफ जांच करा लें। तेजस्वी बोले कि, ''ऐसी कोई केंद्रीय एजेंसी ही नहीं बची, जो हमारे खिलाफ जांच न कर रही हो।''
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यह बोले थे डिप्टी सीएम सुशील मोदी
डिप्टी सीएम और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने महागठबंधन के सीएम चेहरे तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे। सुशील मोदी ने आरजेडी नेता पर नामांकन के दौरान शपथ-पत्र में झूठी जानकारी देने का आरोप लगाए हुए कहा था, एजेंसियों को इसका स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच हो तो तेजस्वी यादव भी अपने पिता की तरह जेल चले जाएंगे। सुशील बोले थे कि, "आखिर कौन सी योग्यता थी जिसके चलते तेजस्वी यादव करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन गए। आखिर 31 साल की उम्र में तेजस्वी यादव 52 एवं तेजप्रताप 28 से ज्यादा सम्पत्ति के मालिक कैसे बन गए? जब कोई पुश्तैनी सम्पत्ति नहीं थी। नौंवी तक मुश्किल से पढ़ाई कर पाए। क्रिकेट में भी विफल रहे। न कोई नौकरी की, न व्यवसाय किया।"

सुशील मोदी ने यह भी कहा कि, "तेजस्वी ने एक कंपनी को डेढ़ करोड़ का कर्ज देने की बात कही है। जब तेजस्वी की आमदनी डेढ़ लाख है तो उन्होंने कैसे चार करोड़ का कर्ज दिया। मोदी ने कहा कि तेजस्वी ने 2015 के शपथ पत्र में 1 करोड़ 7 लाख के कर्ज देने के बारे में जानकारी दी थी। तेजस्वी ये बताएं क्या वही कर्ज है जो 5 साल में 4 करोड़ हो गया है या कोई नया कर्ज दिया है।"

बकौल सुशील, "तेजस्वी यादव के ऊपर धोखाधड़ी, आपराधिक षणयंत्र और मनी लॉण्ड्रिंग समेत दूसरे की सम्पत्ति अपने नाम से दिखाने का मुकदमा चल रहा है। तेजस्वी के खिलाफ आईआरसीटीसी घोटाले में भी चार्जशीट दायर की गई है। लॉकडाउन के कारण ट्रायल प्रारंभ नहीं हो पाया। भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में ( IRCTC घोटाला) बेल पर हैं। इस मामले में जेल सुनिश्चित है। लालू प्रसाद की जिन्दगी का बड़ा हिस्सा जेल में बीता है। तेजस्वी यादव को भी लम्बे समय तक जेल में रहना पड़ेगा।"












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