मनोज झा के 'ठाकुर' वाले बयान का लालू यादव ने किया समर्थन, आनंद मोहन को दे डाली बड़ी नसीहत
आरजेडी सांसद मनोज झा द्वारा राज्यसभा में 'ठाकुर' पर पढ़ी गई कविता को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। आरजेडी विधायक चेतन आनंद और पूर्व बाहुबली नेता आनंद मोहन की मनोज झा को दी गई चेतावनी के बाद अब आरजेडी सुप्रीम लालू प्रसाद यादव ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने जहां मनोज झा के बयान का समर्थन किया तो वहीं आनंद मोहन और उनके विधायक बेटे चेतन आनंद को बड़ी नसीहत दे डाली।
क्या कहा लालू ने?
मीडिया ने जब मनोज झा के बयान को लेकर सवाल पूछा तो लालू यादव ने कहा कि मनोज झा बहुत विद्वान आदमी हैं। उन्होंने जो कहा वह सही ही कहा होगा। उन्होंने कहा कि मनोज झा ने कहीं राजपूत का नाम नहीं लिया। लालू यादव ने बिना नाम लिए आनंद मोहन को नसीहत देते हुए कहा कि जो सज्जन निरीक्षण दे रहे हैं, उन्हें इनसब चीजों से परहेज करना चाहिए। लालू ने कहा कि मनोज ने जो कहा है, सही कहा है।

चेतन आनंद और आनंद मोहन ने दी थी मनोज झा को चेतावनी
पूर्व बाहुबली नेता आनंद मोहन ने कहा कि आरजेडी सांसद मनोज झा ने कैसे ठाकुरों पर अनाप शनाप बोल दिया? वह जो कविता का पाठ लोकतंत्र के मंदिर संसद में पढ़ रहे थे उस कविता में अंदर के ठाकुरों को मारने का कहीं जिक्र नहीं है। मैं संसद में रहता तो उनका जीभ खींचकर आसन की ओर उछाल देता। वहीं चेतन आनंद ने भी मनोज झा को नसीहत देते हुए कहा था कि वह ठाकुरों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
शिवानंद तिवारी की किताब के विमाचन में आए थे लालू
बता दें कि लालू यादव, श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र में आयोजित किताब उत्सव में शिवानंद तिवारी की पुस्तक 'सड़क से संसद तक' का विमोचन करने पहुंचे थे। इसके पहले पुस्तक का लालू प्रसाद, शिवानंद तिवारी, भोला यादव, राजकमल प्रकाशन के अध्यक्ष अशोक महेश्वरी और पुस्तक के संपादक कुमार मुकुल ने विमोचन किया।












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