रिटायरमेंट के मूड में दिखे मांझी, कहा- यह सदन में मेरा अंतिम कार्यकाल है
पटना। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्च के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी अब राजनीति से रिटायर होने की तैयारी कर रहे हैं। बुधवार को बिहार विधानसभा में मॉनसून सत्र के दौरान कहा कि 23 मार्च को सदन के अंदर हुई घटना काफी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सदन के अपने 36 वर्ष के अनुभव के आधार पर हम कहते हैं कि जिस दौर में कर्पूरी ठाकुरजी नेता प्रतिपक्ष थे, तब भी किसी मुद्दे पर विरोध के दौरान तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर मार्शलों ने ही विरोध करने वाले विपक्षी सदस्यों को सदन के बाहर निकाल दिया लेकिन पुलिस की जरूरत नहीं पड़ी।

हम पार्टी के प्रमुख जीतन राम मांझी ने कहा कि हमारी आयु इतनी हो गई और यह सदन में मेरा अंतिम कार्यकाल है। अब विरोध का ढंग बदल गया है। विपक्ष शक्ति प्रदर्शन करने लगता है, ऐसा एकाध सत्तापक्ष के लोग भी करते हैं।
वहीं पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव ने कहा कि जो मामला आचार समिति को भेजा गया है, उस पर सदन में चर्चा ही क्यों हो रही है। कहा कि कुछ लोगों ने मान लिया था कि वो सीएम बन जाएंगे पर ऐसा हो नहीं सका, इसकी टीस है। कहा कि मुझे पूरी आशंका है कि उस दिन बिल के विरोध के नाम पर सरकार को बदनाम करने की साजिश की गई थी।
हालांकि बजट सत्र के दौरान 23 मार्च को विधानसभा में विधायकों से मारपीट मामले पर विपक्ष द्वारा जारी गतिरोध बुधवार को थम गया। विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में विधायकों संग मारपीट मामले में चर्चा कराए जाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद विपक्ष के सदस्यों ने सदन के बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया। विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव व अन्य विपक्षी नेताओं को सदन की कार्रवाई शुरू होने के पूर्व अपने कक्ष में बुलाकर बात की।
विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही में विपक्ष से शामिल होने का अनुरोध किया और भोजनावकाश के बाद एक बजे से कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में पूरे मामले पर विचार करने आश्वासन दिया। इसके बाद विपक्ष के तेवर नरम पड़ गए। बैठक में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, राजद के मुख्य सचेतक ललित यादव, भाकपा माले के महबूब आलम सहित अन्य नेता भी शामिल थे।












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