जमानत के लिए जज ने लगाई अनोखी शर्त- गरीब बच्चों को पढ़ाओगे, शराब से रहोगे दूर
जमानत के लिए जज ने लगाई अनोखी शर्त- गरीब बच्चों को पढ़ाओगे, शराब से रहोगे दूर
पटना, 28 अगस्त: बिहार के झंझारपुर में एक अदालत ने कुछ ऐसी शर्तों पर जमानत दी है, जो देशभर के कानून के जानकारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। झंझारपुर की सब डिविजनल कोर्ट ने एक व्यक्ति को इस शर्त पर जमानत पर रिहा किया है कि वह पांच गरीब बच्चों को पढ़ाएगा, साथ ही शहर में पौधे भी लगाएगा। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार ने जमानत में ये शर्ते लगाई हैं। एडीजे अनिवाश कुमार पहले भी जमानत के लिए तरह की शर्तें लगाते रहे हैं, जो कानून के जानकारों को सुनकर अजीब लग सकती हैं।

शराब से जुड़े मामले में आरोपी है शख्स
मधुबनी की जेल में एक शख्स करीब 8 महीने से बंद था। उस पर आरोप है कि उसके पास से शराब बरामद हुई थी। इस शख्स ने जमानत की अर्जी डाली थी। एडीजे अविनाश कुमार (प्रथम) की कोर्ट ने उसकी अर्जी स्वीकार करते हुए सशर्त जमानत दे दी। जज ने जमानत के लिए शर्त लगाई है कि अब वो शराब के धंधे से दूर रहेगा। शराबबंदी कानून का सम्मान करते हुए ना शराब रखेगा ना पिएगा।

गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने की शर्त
इसके अलावा अदालत ने जमानत के लिए शर्त रखी है कि वो पांच गरीब परिवार के बच्चों को तीन माह तक फ्री पढ़ाएगा। तीन महीने बाद उसको उन बच्चों के परिवार से लिखित में लेकर कोर्ट को सबूत देना होगा कि उसने बच्चों फ्री शिक्षा दिलाया है। इसके अलावा उसको कुछ पेड लगाने के लिए भी अदालत ने कहा है।
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कोर्ट के फैसले की तारीफ भी, सवाल भी
एडीजे कोर्ट के इस आदेश की कई लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोगों ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कोर्ट को इस तरह गांव की पंचायत के अंदाज में जमानत की शर्तें नहीं रखनी चाहिए। बता दें कि आरोपी को बीते साल नवंबर में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस एफआईआर के मुताबिक, आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ गाड़ी से शराब ले जा रहे थे। तभी पुलिस ने एक चैकिंग पर उनको पकड़ा था।
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