Bihar News: JDU को मिले 10 करोड़ रुपये, पार्टी के पास 'दानवीर प्रेमी' की कोई जानकारी नहीं
Electoral Bond JDU: लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के साथ ही इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए चुनावी चंदे पर भी सियासी बहस छिड़ी हुई है। इलेक्टोरल बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पक्ष विपक्ष के बीच ज़ुबानी जंग छिड़ गई है।
लोकसभा चुनाव का शंखनाद होते ही भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है। वहीं अब इलेक्टोरल बॉन्ड पर बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू से भी सवालों के घेरे में आ चुकी है।

सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड को मिले चुनावी चंदे को लेकर दिलचस्प मामला सामने आया है। इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबी सुनवाई चली, इस दौरान कोर्ट ने सभी सियासी दलों को मिले इलेक्टोरल बॉन्ड (चुनावी चंदे) के बारे में जानकारी भी मांगी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फ़ैसला सुनाने से पहले एसबीआई (SBI) को इलेक्टोरल बॉन्ड लेने वालों का सारा डाटा मुहैया कराने के लिए कहा था। कोर्ट ने इस मामले में सियासी दलों से जवाब भी तलब किया था।
जनता दल यूनाइटेड (नीतीश कुमार की पार्टी) को साल 2019 में 13 करोड़ रुपये इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए मिले थे। चुनावी चंदे की जानकारी देते हुए जदयू की तरफ़ से कोर्ट में कहा गया कि इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए 10 करोड़ रुपए का चंदा देने वाले शख्स के बारे में पार्टी ने किसी तरह की जानकारी नहीं दी।
जदयू ने साल 2019 में इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए 10 करोड़ रुपये के चंदे को लेकर जवाब दिया कि, एक अनजान शख्स ने पार्टी को 10 करोड़ रुपये का बॉन्ड दिया था। वह पार्टी के प्रदेश कार्यालय में एक सील बंद लिफ़ाफा देकर गया था। जब लिफ़ाफ़े को खोला गया तो उसमें 10 करोड़ रुपये का इलेक्टोरल बॉन्ड था।
इसके बाद जनता दल यूनाइटेड ने SBI मेन ब्रांच पटना में खाता खुलवाया और इलेक्टोरल बॉन्ड को भुना लिया। इस पूरे मामले में पार्टी के नेता इससे ज्यादा कुछ भी बोलने से परहेज़ कर रहे हैं। आपको बता दें कि जदयू को 2019 इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए कुल 13 करोड़ रुपए मिले थे।
10 करोड़ रुपए का इलेक्टोरल बॉन्ड किसी अनजा शख्स द्वारा मिला था, वहीं एक सीमेंट निर्माता कंपनी से की तरफ़ से एक-एक करोड़ रुपए के दो इलेक्टोरल बॉन्ड मिले थे। इन सबके अलावा एक मोबाइल कंपनी ने भी एक करोड़ रुपए का इलेक्टोरल बॉन्ड जदयू को दिया था।












Click it and Unblock the Notifications