मोदी कैबिनेट में शामिल किए गए महज एक JDU सांसद, RJD का तंज- सीएम नीतीश कुमार हुए 'नतमस्तक'
नई दिल्ली, 8 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मंत्रीमंडल का विस्तार किया। मोदी कैबिनेट में जेडीयू के एक सांसद को मंत्री बनाया गया है। जिसके बाद बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर विपक्ष हमलावार हो गया है। आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जेडीयू के नीतीश कुमार ने एक बार फिर पलटीमार राजनीति की है। उन्होंने यू-टर्न लिया और पूरी तरह से बीजेपी के सामने खुद का आत्मसर्पण करते हुए नतमतस्त हो गए हैं।

राजद का यह बयान जनता दल-यूनाइटेड (जेडीयू) के राज्यसभा सांसद राम चंद्र प्रसाद सिंह के गुरुवार को केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ लेने के एक दिन बाद आया है।मृत्युजय तिवारी ने कहा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा के सामने घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने इसी तरह की पेशकश जिसे उन्होंने 2019 में अस्वीकार कर दिया था। 2019 की परिस्थितियां आज भी है।
दो साल बाद आज क्या ऐसा हुआ जो जेडीयू ने भाजपा के सामने घुटने टेक दिए
आरजेडी प्रवक्ता ने कहा 2019 में नीतीश कुमार ने कहा था कि जिस अनुपात में भाजपा सांसदों को मंत्री पद दिया गया है, 17 सांसद में उतनी संख्या जेडीयू को भी मिलनी चाहिए क्योंकि जेडीयू के 16 सांसद है। तभी जेडीयू एक मंत्री पद के लिए नहीं मानी और मंत्रीमंडल में जेडीयू शामिल नहीं हुई। उन्होंने कहा दो साल बाद आज क्या ऐसा हुआ जो जेडीयू ने भाजपा के सामने घुटने टेक दिए और एक मंत्री पद में संतोष कर लिया। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "2019 और 2021 के बीच ऐसा क्या बदल गया है कि नीतीश कुमार, जिन्होंने तब एक प्रतीकात्मक मंत्री पद को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था, अब इसके लिए सहमत हो गए हैं?"
नीतीश कुमार सीएम की कुर्सी बचाने के लिए भाजपा के सामने हुए नतमस्तक
मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि नीतीश कुमार द्वारा लिए गए यू-टर्न का अर्थ है कि उन्होंने भाजपा के सामने पूरी तरह से आत्मसमर्पण कर दिया है। मृत्युंजय तिवारी ने नीतीश कुमार पर मोदी सरकार में मंत्री पद के लिए जनता दल-यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामचंद्र प्रसाद सिंह के नाम का प्रस्ताव करने के लिए "जातिवादी नेता" होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने ये भी कहा कि जो नीतीश कुमार ने एक पद के लिए यूटर्न लिया उसमें एक ही जाति के लोगों को जगह मिली है ये जातिवाद को प्रदर्शित कर रहे है। इससे साफ है कि नीतीश कुमार अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने के लिए पूरी तरह से जातिवाद ओर भाजपा के सामने आत्मसमर्पण करके रहने वाली है।












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