JDU का RJD पर शराब कंपनियों से 46.64 करोड़ रुपए चंदा लेने का आरोप, तेजस्वी यादव ने किया कानूनी पलटवार
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। जब जेडीयू ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर शराब कंपनियों से 46.64 करोड़ रुपए का कथित चंदा लेने का आरोप लगाया है। यह आरोप ऐसे समय में लगाया गया है। जब राज्य में सख्त शराबबंदी कानून लागू है। जिससे यह मुद्दा और भी विवादास्पद हो गया है। जेडीयू के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मिले इस चंदे का खुलासा करते हुए इसे बिहार की छवि खराब करने के उद्देश्य से जानबूझकर की गई राजनीतिक चाल बताया।
जेडीयू की आलोचना केवल तेजस्वी यादव तक ही सीमित नहीं रही। बल्कि यह उनके परिवार के शासनकाल पर भी पहुंच गई। नीरज कुमार ने राबड़ी देवी के कार्यकाल के दौरान राज्य पर शराब के प्रतिकूल प्रभावों और जहरीली शराब से हुई 456 मौतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरजेडी से इन घटनाओं की जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया और नीतीश कुमार के नेतृत्व में लागू शराबबंदी कानून के बाद राज्य में हुए सुधार का भी जिक्र किया। जिसके तहत बिहार जहरीली शराब से होने वाली मौतों के मामले में छठे स्थान से तेरहवें स्थान पर पहुंच गया है।

तेजस्वी यादव ने की कानूनी कार्रवाई
तेजस्वी यादव ने जेडीयू के आरोपों का जवाब कानूनी तरीके से दिया है। उन्होंने नीरज कुमार को मानहानि का नोटिस भेजा है। जिसमें 12.10 करोड़ रुपए की मांग की गई है। यह कानूनी कार्रवाई जेडीयू और आरजेडी के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ाती है। जो बिहार में तीव्र राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को दर्शाती है।
राजो बाबू के निधन पर राजनीतिक दलों ने जताया शोक
राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बिहार के जाने-माने नेता और केंद्रीय मंत्री राजेंद्र प्रसाद यादव जिन्हें राजो बाबू के नाम से जाना जाता है। उनका निधन हो गया। राजेंद्र प्रसाद यादव के निधन पर सभी राजनीतिक दलों ने गहरा शोक व्यक्त किया। लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव सहित राजद के नेताओं ने समाजवादी आंदोलन में उनके योगदान और सार्वजनिक सेवा के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को मान्यता दी। विधायक से लेकर उद्योग राज्य मंत्री के पद तक राजो बाबू की राजनीतिक यात्रा बिहार के राजनीतिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।
केंद्र सरकार ने नए बैराज को दी मंजूरी
इन विवादों के बीच बिहार में एक नए बैराज के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मिली है। इस परियोजना का उद्देश्य नेपाल से आने वाले बाढ़ के जोखिम को कम करना है। यह राज्य की बारहमासी बाढ़ की चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस विकास के साथ ही बिहार का राजनीतिक परिदृश्य राष्ट्रीय सुर्खियों में बना हुआ है।
बिहार की राजनीति में नाटकीय मोड़
तेजस्वी यादव के खिलाफ जेडीयू के आरोपों और उसके बाद के कानूनी और राजनीतिक नतीजों के बीच बिहार की राजनीति में नाटकीय मोड़ आया है। इन घटनाओं के बीच राज्य एक महत्वपूर्ण राजनीतिक व्यक्ति राजो बाबू के निधन पर शोक मना रहा है और बुनियादी ढांचे में प्रगति की उम्मीद भी कर रहा है। यह घटनाक्रम बिहार की राजनीति, शासन और सामाजिक मुद्दों के जटिल अंतर्संबंध को रेखांकित करता है। जो राज्य के भविष्य की दिशा को आकार देने में अहम भूमिका निभाएगा।












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