बच्ची को बेचने निकली बेबस मां, पुलिस भी नहीं कर पा रही मदद, जानिए क्या है पूरा मामला
Jamui News: पीड़ित पिता का आरोप है कि ठेकेदार और भाई कारू मांझी ने मिलकर उसके 10 वर्षीय पुत्र को बंधक बना लिया। इस वजह से ही उसकी पत्नी बच्ची को बेचने झाझा थाना क्षेत्र में पहुंची थी। मामले का खुलासा इस वक्त हुआ जब वह...
Jamui News: बिहार के ग्रामीण इलाके में आज भी सूद की प्रथा चली आ रही है। गांव वालों को पैसे की ज़रूरत पड़ती है तो वह महाजन के पास से मोटे ब्याज दर पर पैसे लेकर अपनी ज़रूरत पूरी करते हैं। वक्त पर पैसा नहीं देने से ब्याज बढ़ता ही चला जाता है। नतीजा यह होता है कि जितने रुपये क़र्ज़ नहीं लिए उससे ज्यादा तो ब्याज ही चुका रहे हैं, फिर भी क़र्ज़ से निजात नहीं मिला पा रही है। इस स्थिति में गांव के लोग चीज़ों को गिरवी रखते हैं और फिर उन्हें अपनी कीमती सामानों से सब्र कर लेना होता है। बिहार के जमुई जिले से क़र्ज़ लेने का एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसे पढ़ कर आप भी हैरान हो जाएंगे।

5 हज़ार रुपये के क़र्ज़ ने बढ़ाई मुश्किलें
जमुई के मुसहरी टोला में एक व्यक्ति ने 5 हज़ार रुपये का क़र्ज़ लिया था, धीरे-धीरे ब्याज बढ़ते-बढ़ते 25 हजार रुपये हो गया। व्यक्ति क़र्ज़ अदा करने में असमर्थ हो गया तो उसकी पत्नी पति का क़र्ज़ चुकाने के लिए अपनी दो माह की बच्ची को ही बेचने के लिए निकल गई। पीड़ित मां-बाप ने कहा वह लोग कचरा उठाने का काम करते हैं, उसके भाई कारू मांझी ने ठेकेदार के ज़रिए 5 हजार रुपए का कर्ज दिलाया था जो कि अब 25 हज़ार रुपये हो गया है। वह इस राशि को देने में असमर्थ हैं, इसलिए बच्चा बेच कर क़र्ज़ अदा करना ही अंतिम उपाय सूझा। पीड़ित परिवार के पास दो बेटे और 2 महीने की एक बच्ची है। वह अपनी बच्ची को ही बेचने गई थी।

चाचा ने बनाया भतीजे को बंधक
पीड़ित पिता का आरोप है कि ठेकेदार और भाई कारू मांझी ने मिलकर उसके 10 वर्षीय पुत्र को बंधक बना लिया। इस वजह से ही उसकी पत्नी बच्ची को बेचने झाझा थाना क्षेत्र में पहुंची थी। मामले का खुलासा इस वक्त हुआ जब वह बच्ची को बेचने थाने के पास पहुंची। लोगों को शक हुआ तो वहां भीड़ जमा हो गई। एक महिला 30 हज़ार रुपये में बच्ची को खरीदने वाली ही थी कि भीड़ जमा होता देख वह रफूचक्कर हो गई। वहीं लोगों की पूछताछ में मामले का खुलासा हुआ।

चाचा पर लगा बंधक बनाने का आरोप
पीड़ित परिवार मेंगू मांझी (पति) और मधु मांझी (पत्नी) ने बताया कि वह लोग झारखंड के रामगढ़ में भाई के पास काम करते थे। पिछले साल कारू मांझी ने अपने संबंध पर ठेकेदार से 5 हजार रूपए कर्ज दिलाया था। उसके बाद वह पीड़ित झाझा चला आया। जिसके बाद भाई कारू मांझी और उसकी पत्नी अनिता देवी रुपये के लिए तकादा करना शुरू किया लेकिन रुपयों का इंतेज़ाम नहीं हो पा रहा था। वहीं मेंगू मांझी ने कहा कि उसका बेटा 3 दिनों से लापता है। उसने आरोप लगाते हुए कहा कि कारू मांक्षी (पीड़ित का भाई) के पास उसका बेटा बंधक है। 25 हज़ार रुपये क़र्ज़ भुगतान करने पर बच्चे को छोड़ेगा। इस पूरे मामले में झाझा थाना अध्यक्ष राजेश शरण ने कहा कि अभी कोई आवेदन नहीं मिला है, शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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