‘लालू ऐतिहासिक रेल मंत्री थे, हार्वर्ड से छात्र पढ़ने आते थे’, IRCTC घोटाले में आरोप तय होने पर बोले तेजस्वी
IRCTC Hotel Scam Case: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार (13 अक्टूबर) को IRCTC होटल घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय कर दिए। यह वही मामला है जिसमें रांची और पुरी के दो IRCTC होटलों के टेंडर में अनियमितता का आरोप है।
अदालत ने कहा कि घोटाले की साजिश लालू यादव की जानकारी में रची गई थी और इस सौदे से उनके परिवार को प्रत्यक्ष रूप से फायदा हुआ। अब तेजस्वी यादव ने आरोप तय किए जाने पर प्रतिक्रिया दी है। तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके पिता लालू यादव भारत के ऐतिहासिक रेल मंत्री थे। उन्होंने ये भी दावा किया कि लालू यादव से छात्र हार्वर्ड और आईआईएम से पढ़ने आते थे।

'लालू जी से हार्वर्ड और IIM के छात्र पढ़ने आते थे', तेजस्वी का पलटवार
आईआरसीटीसी होटल भ्रष्टाचार मामले में लालू प्रसाद यादव और अन्य के खिलाफ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने पर तेजस्वी यादव ने कहा,
"हम यह केस लड़ेंगे। हम शुरू से कह रहे हैं कि चूंकि चुनाव आ रहे हैं, इसलिए यह सब होगा। हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। हम केस लड़ेंगे, बिहार की जनता समझदार है और वह जानती है कि क्या हो रहा है। यह सब राजनीतिक प्रतिशोध है। जिस व्यक्ति ने रेलवे को 90,000 करोड़ रुपये का मुनाफा दिया, जिसने हर बजट में हमेशा किराया कम किया। वह एक ऐतिहासिक रेल मंत्री के रूप में जाने जाते रहे हैं। हार्वर्ड और आईआईएम के छात्र लालू जी से पढ़ने आते थे। वह मैनेजमेंट गुरु के रूप में जाने जाते रहे हैं। बिहार और देश की जनता सच्चाई जानती है। जब तक मैं जिंदा हूं, भाजपा से लड़ता रहूंगा।"
लालू यादव बोले- सभी आरोप गलत
सुनवाई के दौरान अदालत ने लालू यादव से पूछा, ''क्या आप आरोप स्वीकार करते हैं या मुकदमे का सामना करेंगे?'' इस पर लालू ने साफ कहा, ''सभी आरोप गलत हैं।'' राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने भी यही जवाब दिया। दोनों ने कहा कि वे किसी भी तरह की साजिश या धोखाधड़ी में शामिल नहीं हैं।
तेजस्वी ने आगे कहा, ''जब तक मैं जिंदा हूं, भाजपा के खिलाफ आवाज उठाता रहूंगा। यह सारा केस राजनीति से प्रेरित है ताकि बिहार की असली आवाज को दबाया जा सके।''
कांग्रेस ने कहा-ये है राजनीतिक प्रतिशोध
कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि बीते 11 सालों से केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा, ''मैं अदालत के फैसले पर टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन हर बार चुनाव से पहले इस तरह की कार्रवाई सिर्फ विरोधियों को परेशान करने के लिए होती है। इसका बिहार चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा।''
JDU और BJP ने कहा, न्याय हुआ, जनता जवाब देगी
वहीं जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा, ''लालू यादव और उनके परिवार का भ्रष्टाचार ही वह वजह थी, जिसकी वजह से समता पार्टी ने उनसे अलग राह पकड़ी थी। अदालत का फैसला स्वागत योग्य है। अब बिहार की जनता फिर से स्वच्छ प्रशासन के लिए नीतीश कुमार को चुनेगी।''
भाजपा नेता तरुण चुघ ने भी लालू परिवार पर निशाना साधते हुए कहा, ''इंडिया गठबंधन अब 'महाठगबंधन' बन चुका है। लूट और भ्रष्टाचार का घड़ा भर चुका है। जल्द ही यह परिवार जेल जाएगा और जनता को न्याय मिलेगा। लालू का नाम चारा घोटाले, IRCTC घोटाले और जमीन के बदले नौकरी जैसे मामलों से जुड़ा रहा है। जनता अब सब समझ चुकी है।''
सपा ने कहा-अदालत का सम्मान जरूरी है
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, "हम न्यायालय और संविधान का सम्मान करते हैं। अदालत जो भी फैसला देगी, हम उसका पालन करेंगे। इस पर राजनीति करने का कोई औचित्य नहीं है।"
क्या है आरोप और कितनी सजा हो सकती है?
इस केस में लालू यादव पर भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। वहीं राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप तय हुए हैं। अगर आरोप साबित हुए तो तीनों को एक साल से लेकर सात साल तक की सजा हो सकती है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के ठीक पहले आया यह फैसला आरजेडी के लिए सिरदर्द जरूर है, लेकिन पार्टी के नेता इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताकर जनता से सीधा संवाद साधने की रणनीति अपना रहे हैं। तेजस्वी यादव लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि जनता सच्चाई जानती है और साजिशों से नहीं डरती।












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