Bihar Board Inter Exam से पहले ही प्रश्न पत्र लीक! सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे Question Paper?
Inter Exam के पहले ही सोशल मीडिया पर प्रश्न पत्र वायरल होने की सूचना से हड़कंप मचा हुआ है। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इसे अफवाह बताया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

Bihar Board Inter Exam आज से शुरू हो चुका है, बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा से पहले क्वेश्चन पेपर लीक होने की खबर आ रही है। एग्ज़ाम के पहले दिन गणित की परीक्षा हो रही है वहीं एग्जाम शुरू होने से पहले प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारी प्रश्न पत्र लीक होने के मामले को अफवाह बता रहे हैं। नालंदा के जिला शिक्षा अधिकारी केशव प्रसाद ने बताया कि जिले में प्रश्न पत्र लीक होने जैसी कोई कोई सूचना नहीं है। वायरल हो रहे प्रश्न पत्र के बारे में उनके पास कोई जानकारी नहीं है।

शिक्षा विभाग के अधिकारी ने कही ये बात
केशव प्रसाद (जिला शिक्षा अधिकारी, नालंदा) ने बताया कि किसी सेंटर पर अभी प्रश्नपत्र को नहीं खोला गया है। प्रश्नपत्र को वायरल होने की जो लोग अफवाह फैला रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हो इस बाबत वीक्षकों को निर्देश दिया जा चुका है। सही ढंग से परीक्षा संचालन को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। केशव प्रसाद ने कहा कि किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नालंदा ज़िले में बनाए गए कुल 41 परीक्षा केंद्र
आपको बता दें कि परीक्षा में 13 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हो रहे हैं। वहीं छात्राओं का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब तेज़ी से वायरल हो रहा है। एग्ज़ाम सेंटर पर लेट से पहुंचे छात्रों को अंदर जाने की इजाज़त नहीं देने पर छात्रों ने एग्ज़ाम सेंटर पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। नालंदा ज़िले में कुल 41 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें बिहार शरीफ़ में 32 , राजगीर में 4 और हिलसा में 5 सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षा में कुल 47 हज़ार 295 छात्र शामिल हों रहे हैं। इनमें 25 हज़ार 939 छात्र और 21 हाज़र 356 छात्रा शामिल हैं।
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कई सेंटरों पर पहले ही पहुंच गए थे पेपर
जमुई के प्लस टू हाई स्कूल (कचहरी चौक) में सोमवार 23 जनवरी को प्रश्न पत्र पहुंचा दिया गया। गौरतलब है कि अभी एग्ज़ाम होने में करीब सप्ताह भर का वक्त बचा हुआ है। परीक्षा से सप्ताह भर प्रश्न पत्र पहुंचने की जानकारी मीडिया को हुई तो पत्रकारों ने मौके पर जाकर मामले की जानकारी जुटाने लगे। वहीं विद्यालय प्रबंधन मामले को दूसरा ही रंग देने लगे। प्रबंधकों ने कहा कि यह प्रश्नपत्र नहीं बल्कि इंटर की कॉपी है। इस तरह वह बातों से मीडिया कर्मियों को घुमाते रहे लेकिन देर रात में मामले से पर्दा उठ ही गया। शिक्षा विभाग के वरीय पदाधिकारी की लापरवाही की वजह से यह मामला हुआ था। कोषागार पहुंचाने की जगह प्रश्न पत्र जमुई जिले के 25 केंद्रों पर गलती से पहुंचा दिया गया। कोषागार पहुंचने की बजाए परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्र पहुंचने से पेपर लीक होने की आशंका भी जताई जा रही थी।
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