Gaya News: गया वन प्रमंडल में चल रहे करोड़ों की योजनाओं का उद्घाटन, जनिए कहां खर्च हुई कितनी राशि
Gaya News: गुरुवार 1 अगस्त को दोपहर 12:00 बजे डॉ प्रेम कुमार, (मंत्री, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग) बिहार द्वारा गया वन प्रमंडल गया के अंतर्गत करोड़ों की लागत से चल रहे योजनाओं का उद्घाटन किया गया।
7, 8,01,000 की लागत से 06 पथों पर शहरी वानिकी योजना 2023-24 के तहत 5000 पौधों का 2024-25 में संपोषण कार्य, इसके अलावा 4,08,41,000 की लागत से पथ तट (बांस, लौह गैबियन चल) वर्षा कालीन वृक्षारोपण के तहत 16,700 पौधों का अग्रिम सह समापन कार्य किया गया।

167,45,000 की लागत से 2024-25 में ब्रह्मयोनि एवं प्रेतशिला पहाड़ी पर मृदा एवं भू जल संरक्षण कार्य, 2,07,09,000 की लागत से 08 जगहों पर खंड वृक्षारोपण का 2024-25 में समापन कार्य, वहीं 21,21,.000 की लागत से मेघनाडीह में 2023-24 में भू-जल संरक्षण कार्य किया गया।
2,03,84,000 की लागत से बाराचट्टी वन प्रक्षेत्र अंतर्गत तेतरिया तथा बारसुद्दी में चेकडैम निर्माण कार्य 2023-24 का उद्घाटन बुद्ध वाटिका पार्क, पीपरघट्टी, गया में किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री द्वारा चलाए जा रहे हैं, अभियान एक पेड़ मां के नाम के अंतर्गत मंत्री द्वारा बुद्ध वाटिका पार्क पीपरघट्टी गया में वृक्षारोपण किया गया।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान गया जिले के विभिन्न प्रक्षेत्रों से आए वन समिति अध्यक्ष, इको विकास समिति के अध्यक्ष एवं जैव विविधता प्रबंधन समिति के अध्यक्षों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि बदलते मौसम एवं गया जिले में वर्षा की कमी के कारण पर्यावरण समस्याएं और गंभीर रूप ले रही हैं।
पर्यावरण संरक्षण हेतु हम लोगों को मिलकर काम करना होगा। वहीं वन समिति अध्यक्षों से पर्यावरण वन एवं वन प्राणियों की स्थिति को और बेहतर करने के लिए सुझाव लिए गए। उन्होंने बताया कि पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा राज्य में इस बार चार करोड़ 28 लाख पौधे लगाने की योजना है।
गया की पहाड़ियों पर पेड़ों की संख्या कम है। इस बार नया प्रयोग सीड बॉल के जरिये इसे पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस मॉनसून पहाड़ों पर हरियाली को लेकर विशेष मुहिम चल रही है। गया के चार पहाड़ (ब्रह्मयोनि, व प्रेतशिला, रामशिला व ढुंगेश्वरी) और जहानाबाद के एक पहाड़ (बराबर) पर एक लाख सीड बॉल फेंके जा रहे हैं।
वन प्रमंडल गया के अंतर्गत पर्यावरण मित्र बनाने की शुरुआत की गई। पर्यावरण मित्रों को मंत्री द्वारा पौधा प्रदान कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके सहयोग के लिए प्रशंसा की गई। वहीं आसपास के लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने हेतु प्रेरित किया गया।












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